गुमला : पांच विधायक-सांसद बदले, फिर भी नहीं बदली अंबवा गांव की सड़क की दुर्दशा, देखें Video
गुमला के अंबवा पंचायत स्थित छोटा अंबवा बस्ती के ग्रामीणों के लिये सड़क अब सिर्फ सुविधा का सवाल नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी और भविष्य का मुद्दा बन चुकी है. ग्रामीणों का कहना है कि पांच विधायक, पांच सांसद, जिला परिषद और कई मुखिया के चुनाव में मतदान कर उनकी जीत सुनिश्चित करने के बावजूद गांव की सड़क आज तक नहीं बन सकी.
शुक्रवार बगीचा से देवशरण सिंह के आवास तक करीब एक किलोमीटर कच्चा रास्ता है, जो बरसात में कीचड़ और फिसलन से जानलेवा बन जाता है. बीमार, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और स्कूली बच्चे इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं. ग्रामीणों के अनुसार गांव के लगभग 10 हजार की आबादी में से करीब आठ हजार लोग इस रास्ते का प्रतिदिन इस्तेमाल करते हैं और यहां से भ्रष्ट शासन प्रशासन को कोसते हैं.
समाजसेवी अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि कीचड़ से भरे रास्ते पर मोटरसाइकिल सवार आए दिन गिरकर घायल हो रहे हैं. जनप्रतिनिधियों से लगातार गुहार लगाने के बावजूद सड़क निर्माण नहीं हुआ. अब ग्रामीण आगामी चुनाव में वोट बहिष्कार का फैसला लेने के मूड में हैं.
अभिषेक कुमार सिंह
ग्रामीण अजमुल अंसारी ने कहा कि बरसात में रास्ते की हालत बेहद खराब हो जाती है. कीचड़ के कारण स्कूली बच्चे बीच रास्ते से ही घर लौटने को मजबूर होते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. मोटरसाइकिल सवार भी आए दिन गिरकर घायल होते हैं.
अजमुल अंसारी
बबीता देवी ने कहा कि खराब सड़क के कारण महिलाओं को अस्पताल पहुंचने में भारी परेशानी होती है. बरसात में वाहन फंसने के डर से एंबुलेंस गांव तक आने से कतराती है. वहीं गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है.
बबीता देवी
रबिना खातून ने कहा कि ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से इतनी बार फरियाद की है कि उतने में तो सड़क बन जाना चाहिये था. लेकिन कोई सुध लेने वाला भी नहीं है. शासन , प्रशासन की उदासीनता के कारण सड़क आज तक नहीं बन सकी.
रबिना खातून
मुखिया सीता देवी ने कहा कि सड़क गांव की सबसे प्रमुख समस्याओं में शामिल है. तमाम प्रयासों के बावजूद अब तक निर्माण नहीं हो सका. जरूरत पड़ी तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन कर सड़क निर्माण के लिये कार्य किया जायेगा.
सीता देवी, मुखिया
