बोले उपायुक्त दिलेश्वर महतो- आदिवासी समाज संस्कृति और परंपराओं को सहेजने में निभाता है अहम भूमिका
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन गुमला के तत्वावधान में रविवार को टाउन हॉल गुमला में जिला स्तरीय झारखंड आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया गया. जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग एवं जिला कल्याण विभाग व आईटीडीए द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित महोत्सव में प्रशासनिक अधिकारियों, लाभुकों, कलाकारों, विद्यार्थियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, कृषकों व आम नागरिकों ने भी भाग लिया. महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो, पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां, वन प्रमंडल पदाधिकारी अहमद बेलाल अनवर, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया. इससे पूर्व अतिथियों के आगमन पर मांदर की थाप, झारखंडी गीत व नृत्य के साथ किया गया.
इसके उपरांत अधिकारियों ने परिसर में वीर महापुरुषों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया. वहीं मंचीय कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने विश्व आदिवासी दिवस की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्व आदिवासी दिवस सन 1995 से पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है. वर्तमान में झारखंड सहित पूरे देश में इसे सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में मनाते हुए आदिवासी समाज की समृद्ध विरासत को सम्मान दिया जा हरा है. उपायुक्त ने कहा कि आदिवासी समाज के लोग जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहे हैं. वे अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
उपायुक्त ने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति का सम्मान करता है और अपनी विरासत एवं संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए निरंतर प्रयास करता है. आज जब दुनिया की कई संस्कृतियां विलुप्त होने की ओर है. ऐसे समय में आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाये रखने के लिए एकजुट होकर अपनी अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है. उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने कहा कि झारखंड आदिवासी महोत्सव केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा और विकास को एक साथ जोड़ने का अवसर है. उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों एवं कलाकारों का उत्साहवर्धन किया. मौके पर आईटीडीए पीडी लीली एनोल लकड़ा, एनडीसी ललन कुमार रजक, एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, डीएफओ (मत्स्य) कुसुमलता, डीडब्ल्यूओ आलोक रंजन, डीएसडब्ल्यूओ आरती कुमारी, डीएसई नूर आलम खां, डीएओ (कृषि) शुभम प्रिया टियू, डीएचओ तमन्ना परवीन सहित अन्य विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
वनाधिकार अधिनियम के तहत 3344.67 एकड़ रकबा का सामुदायिक वन पट्टा वितरण
कार्यक्रम में वनाधिकार अधिनियम के तहत चार समितियों को 3344.67 एकड़ रकबा का सामुदायिक वन पट्टा दिया गया. सरना घेराबंदी के चार समितियों के लाभुकों के बीच पूजन सामग्री का वितरण किया गया. साथ ही आदिवासी समाज की पारंपरिक सामुदायिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो समितियों के धुमकुड़िया भवन के लिए वाद्य यंत्र दिया गया. महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन की दिशा में तीन स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के बीच कुल 15.50 लाख रुपये के लिंकेज ऋण राशि का वितरण किया गया और राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत चयनित 508 अनुसूचित जनजाति कृषकों को योजना से जोड़ते हुए लाभ प्रदान किया गया.
स्टॉल लगाकर लोगों को दी गयी योजनाओं की जानकारी
जिला स्तरीय झारखंड आदिवासी महोत्सव को ले जिला प्रशासन की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से वन विभाग, जिला समाज कल्याण विभाग, सामाजिक सुरक्षा विभाग, आईटीडीए, जेएसएलपीएस, स्वास्थ्य विभाग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग, कृषि विभाग, आपूर्ति विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, हिंडालको तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा स्टॉल लगाया गया. स्टॉलों के माध्यम से आम नागरिकों एवं लाभुकों को संबंधित विभागों की योजनाओं, सेवाओं एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गयी.
