मिलावटखोरी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान, मानक पूरे नहीं होने पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
(अंकित कुमार पासवान की रिपोर्ट)
आगामी त्योहारों के मद्देनजर गुमला शहरी क्षेत्र में मिलावटखोरी पर नकेल कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सघन जांच अभियान चलाया. यह कार्रवाई संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त (झारखंड सरकार), गुमला उपायुक्त और अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश पर की गई. अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर और आशा राज ने संयुक्त रूप से किया.
जांच दल ने सिसई रोड स्थित मेसर्स अशोक कुमार अग्रवाल, मेसर्स अंकिता ऑयल मिल, मेसर्स हिंदुस्तान होटल, मेसर्स विक्की स्टोर, मेसर्स अन्नपूर्णा स्टोर, मेसर्स उर्वशी (पालकोट रोड) और मेसर्स प्रकाश होटल (सिसई रोड) तथा मेसर्स राज होटल का औचक निरीक्षण कर खोवा के नमूने एकत्र किए. इन सैंपल को जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला, नामकुम (राँची) भेज दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, लैब रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अभियान के दौरान टीम ने शहर के कई किराना दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंटों की भी गहन जांच की. इस दौरान खाद्य लाइसेंस, साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट, वॉटर टेस्ट रिपोर्ट और कर्मियों के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट की पड़ताल की गई. इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों को एप्रन, ग्लव्स और हेडगियर अनिवार्य रूप से पहनने का सख्त निर्देश दिया गया. अधिकारियों ने सभी कारोबारियों को केवल शुद्ध व सुरक्षित सामान बेचने और नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी.
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की मिलावट या असुरक्षित खाद्य सामग्री की आशंका होने पर विभाग को सूचित करें या ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप पर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराएं, ताकि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
