कुदाल से मां की हत्या, बेटी की आंखों के सामने वारदात; आरोपी को उम्रकैद
गुमला में शादी समारोह से लौटकर घर के बरामदे में सो रही मां-बेटी को रात के सन्नाटे में गाली-गलौज और तोड़फोड़ की आवाज सुनाई दी. जब दोनों ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने कुदाल से हमला कर दिया. बेटी किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकली, लेकिन उसकी आंखों के सामने आरोपी ने उसकी मां मैंनु उरांइन पर कुदाल से ताबड़तोड़ वार कर दिए. गंभीर चोट लगने से महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस हत्या मामले में अदालत ने आरोपी मंगलदास उरांव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
मामला करंज थाना क्षेत्र के अम्बेरा गांव का है. घटना 16 मई 2022 की रात की है. मामले में मृतका की बेटी जानकी कुमारी ने पुलिस को दिए फर्द बयान में बताया था कि वह अपनी मां, बहन और जीजा के साथ गांव में आयोजित शादी समारोह में गई थी. लौटने पर घर के अंदर उसके जीजा का बड़ा भाई मंगलदास उरांव (करीब 46 वर्ष) सोया मिला. रिश्तेदार होने के कारण उसे जगाया नहीं गया और मां-बेटी बरामदे में सो गईं.
रात करीब तीन बजे घर में गाली-गलौज और तोड़फोड़ की आवाज सुनाई दी. जानकी के अनुसार मंगलदास घर में रखे कुर्सी-टेबल को कुदाल से तोड़ रहा था. रोकने पर उसने जानकी और उसकी मां के साथ गाली-गलौज करते हुए कुदाल से हमला कर दिया. जानकी को भी चोट लगी और वह किसी तरह वहां से निकलकर मदद के लिए अपनी बहन व जीजा को बुलाने चली गई.
इसी दौरान मंगलदास ने उसकी मां पर कुदाल से हमला जारी रखा. जानकी के बयान के अनुसार, जब वह अन्य लोगों के साथ वापस घर पहुंची तो उसकी मां खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थी और उसकी मौत हो चुकी थी. मौके पर पहुंचे लोगों ने मंगलदास को भागने का प्रयास करते हुए पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी. मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान किया. अब करीब चार साल बाद इस मामले में अदालत ने आरोपी मंगलदास उरांव को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. फैसला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजित कुमार सिंह की अदालत ने सुनाया.
