फिल्मी अंदाज में गुमला थाना परिसर से निकला आरोपी, जवानों ने खदेड़कर दबोचा
गुमला थाना परिसर में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गयी. जब चोरी का एक आरोपी थाने में पुलिस को चकमा देकर थाना से निकलकर भागने लगा. आरोपी को भागता देख पुलिसकर्मी भी उसके पीछे दौड़ पड़े. कुछ देर के लिए थाना परिसर और आसपास का इलाका किसी फिल्मी दृश्य की तरह नजर आया. आरोपी आगे-आगे भाग रहा था और पुलिसकर्मी पीछे से उसे पकड़ने के लिए शोर मचा रहे थे. बताया जाता है कि उस समय थाना में एसआइ टिकेंद्र कुमार की ड्यूटी थी.
इसी दौरान चोरी के आरोपी के थाना से निकलकर भागने की घटना हुई. आरोपी थाना के बड़े गेट की ओर तेजी से भाग रहा था. संयोग से थाना के बाहर दो पुलिस जवान सादे लिबास में पहले से किसी काम से खड़े थे. अंदर से “पकड़ो-पकड़ो” की आवाज सुनकर दोनों जवान सतर्क हुए और आरोपी को गेट के पास ही पकड़ लिया. अगर दोनों जवान मौके पर मौजूद नहीं होते तो आरोपी थाना परिसर से बाहर निकलकर भागने में सफल हो सकता था. आरोपी के दोबारा पकड़े जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली. हालांकि, थाना परिसर से पुलिस की निगरानी में चोरी के आरोपी के निकलकर भागने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और डयूटी पर तैनात पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
वीडियो बना रहे पत्रकार से उलझे एसआइ
घटना के दौरान मौके पर मौजूद पत्रकार ने पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद करना शुरू किया. आरोप है कि वीडियो बनाते देख एसआइ टिकेंद्र कुमार पत्रकार पर भड़क गये. पत्रकार को थाना में प्रवेश नहीं करने देने की धमकी देने और वीडियो बनाने पर सवाल उठाने का आरोप है. पत्रकार के अनुसार, एसआइ ने वर्दी का हवाला देते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही तथा कथित तौर पर यह भी कहा कि मेरे जैसा पुलिस पदाधिकारी नहीं देखे हो. घटना के दौरान पुलिस पदाधिकारी और पत्रकार के बीच हुई बातचीत भी मौके पर चर्चा का विषय बनी रही.
थाने की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इधर, थाना परिसर से आरोपी के इस तरह निकल जाने के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है. वहीं, घटना को कैमरे में कैद करने वाले पत्रकार के साथ कथित व्यवहार ने मामले को और गंभीर बना दिया है. अब सवाल यह है कि पुलिस हिरासत में लाया गया आरोपी आखिर थाना परिसर से बाहर कैसे निकल गया और इस दौरान सुरक्षा में चूक की जिम्मेदारी किसकी थी.
