Video : हमीन भूईयां में रेंगे वाला कीड़ा..हिंडाल्को के खिलाफ आंदोलन में बड़ा ऐलान, आज से बॉक्साइट ट्रकों के पहिए थमेंगे
Video : हिंडाल्को के खिलाफ चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी रहा. झमाझम बारिश के बीच आंदोलनकारी मौके पर डटे रहे और बैठक की. बैठक में फैसला लिया गया कि 25 सितंबर से सभी बॉक्साइट ट्रकों का परिचालन पूरी तरह बंद कराया जाएगा. सेरेंदाग, बिमरला, कुजाम और अमतीपानी समेत सभी खनन क्षेत्रों से आने-जाने वाले बॉक्साइट ट्रकों को आंदोलन स्थल पर ही रोक दिया जाएगा. ग्रामीणों ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. हमीन भूईयां में रेंगे वाला कीड़ा.. देखें एक आंदोलनकारी ने क्या कहा.
यहां बता दें कि आंदोलनकारीयो की मांग पर किसी भी तरह का कोई पहल नहीं होने के बाद आंदोलनकारी ने यह फैसला लिया है. आंदोलनकारीयो का कहना है उपायुक्त और जीएम के समक्ष आंदोलनकरियो की बैठक हुई थी. जिसमें एक सप्ताह के अंदर सड़क निर्माण कार्य शुरू कर देने का बात कहा गया था. पर इतने दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी तरह का कोई काम शुरू नहीं किया गया.। उल्टा हमारे आंदोलन को खत्म करने के लिए हिंडाल्को के द्वारा हर दिन नये नये हथकंडे अपनाए जा रहे हैं.
आंदोलनकारी का कहना है की जीएम के साथ जो वार्ता हुई जिसे वह पूरा नहीं कर रहे है। कहीं एक दिन में चमचमाती सड़क बनाकर तैयार हो जा रही है. और यहां 52 साल से सड़क की मांग करते-करते हमारे दादा पर दादा गुजर गए पर सड़क नहीं बना अब हम भी सड़क की मांग कर रहे है. अब और नहीं सहेंगे हिंडाल्को की मनमानी अपना हक व अधिकार लेकर रहेंगे. जब तक सड़क का काम शुरू नहीं हो जाता और हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक बॉक्साइट का परिवहन पूरी तरह से बंद रहेगा.
बॉक्साइट ट्रक का परिचालन बंद रहेगा
आंदोलन के 11 वे दिन जब हिंडाल्को के द्वारा आंदोलनकरियो के मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया. तब आंदोलनकरियो ने बैठक रखी. बैठक में निर्णय लिया गया कि सेरेंदाग, बिमरला, अमतीपानी व कुजाम सहित सभी खनन क्षेत्र से चलने वाले बॉक्साइट ट्रैकों को आंदोलन स्थल पर रोका जाएगा. जब तक मांगे पूरी नहीं होगी तब तक ट्रैकों का परिचालन बंद रहेगा. सिर्फ बॉक्साइट ट्रैकों को रोका जाएगा और जो भी वाहन है वह सुचारू रूप से चलेंगे. किसी भी यात्री व आम लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
उपायुक्त के समक्ष वार्ता के बाद भी हिंडालको पुराना रवैया अपना रही है
आंदोलन जब शुरू हुआ तब उपायुक्त ने आंदोलनकरियो को अपने कार्यालय में बुलाया जहां हिंडाल्को के जीएम के अलावा कई अधिकारियों के साथ बैठक हुई. बैठक में आंदोलनकारी के सभी मांगों को मान लिया गया था एक सप्ताह के अंदर सड़क निर्माण कार्य शुरू करने का बात भी कहा गया था पर एक सप्ताह बीतने के बाद हिंडाल्को के मैनेजर अखिलेश्वर सिंहा को आंदोलनकरियो से वार्ता करने के लिए भेजा गया और उन्होंने आकर वही पुरानी बात की मिट्टी मोरम का रोड बनाया जाएगा पक्का सड़क बनाना संभव नहीं है की बात रखें. जिसके बाद आंदोलनकारी भड़क गए और उन्हें आंदोलन स्थल से धक्का मार कर भगाया. जिसके बाद भी आंदोलनकारीयो ने चार दिन का समय देते हुए अपने मांगों पर विचार करने व काम शुरू करने का बात कहा जिसके बाद भी हिंडाल्को के द्वारा किसी भी तरह का कोई पहल नहीं किया गया.
आंदोलनकारीयो से मिलने से इनकार किए उपायुक्त : सूरज नायक
आंदोलनकारी सूरज नायक ने बताया गुरुवार को कुछ आंदोलनकारी, चिरोडीह पंचायत की मुखिया रतनी देवी व जिन मजदूरों को कम से निकाल दिया गया है उन मजदूरों के साथ उपायुक्त से मिलने के लिए पहुंचे पर उपायुक्त ने आंदोलनकारीयो से मिलने से इनकार करते हुए कहा सिर्फ चिरोडीह पंचायत की मुखिया से मिलेंगे बाकी लोगों से नहीं मिलेंगे. आंदोलनकरियो से मिलकर मैं अब भी वही बातें कहूंगा जो पूर्व में कही गई है.
