पति की यादों में गुमला पहुंचीं पारो खातून, दो दिन बाद अपनों से मिलीं तो छलक पड़े आंसू
पति की यादों ने खींचा गुमला, दो दिन बाद अपनों से मिलकर छलक पड़े पारो खातून के आंसू. यह मामला गुमला का है. लेकिन पारो खातून भागलपुर की है. पति की पुरानी यादों से जुड़ा गुमला शहर 70 वर्षीय पारो खातून को अनजाने में अपनी ओर खींच लाया.
भागलपुर जिले के सबौर थाना क्षेत्र के सफिया गढ़ी निवासी पारो खातून एक नवंबर को घर से निकली थीं और भटकते हुए गुमला पहुंच गयी. सोमवार देर रात बस पड़ाव में अकेली और असहाय हालत में मिलीं. समाजसेवी बबलू वर्मा ने उन्हें सहारा देकर परिजनों की तलाश शुरू की. पारो खातून के पति अलामत शाह कभी गुमला में माली का काम करते थे. पति के निधन के बाद भी गुमला से उनका पुराना जुड़ाव बना रहा. बताया जाता है कि पारो खातून पिछले दो महीने से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रही हैं. इसी दौरान वह घर से निकलकर भटक गयी.
महिला की पहचान के लिए बबलू वर्मा ने उनकी तस्वीर गुमला थाना सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और लोगों के बीच साझा की. पुलिस ने भी उन्हें संरक्षण में लेकर थाना पहुंचाया. थाना के मुंशी सगीर आलम ने पहचान और परिजनों तक सूचना पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. लगातार प्रयास के बाद सबौर पुलिस के माध्यम से परिवार को सूचना दी गयी. खबर मिलते ही पारो खातून के दामाद मो शेर अली और नाती मो इकबाल भागलपुर से गुमला पहुंचे. अपनों को सामने देखते ही पारो खातून की आंखें भर आयी और वह नाती-दामाद से लिपट गयी. भावुक कर देने वाले इस मिलन ने वहां मौजूद लोगों को भी संवेदनशील कर दिया.
समाजसेवी की पहल और पुलिस की तत्परता से दो दिनों तक अनजान शहर में भटकती रहीं पारो खातून को आखिरकार अपनों का सहारा मिल गया.
