गांधी-शास्त्री जयंती पर कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, क्या बोले राजनील तिग्गा पढ़ें
गुमला जिला कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर गांधी पार्क में कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजनील तिग्गा ने की. कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. वहीं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर भी माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया.
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजनील तिग्गा ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सत्य, सादगी, त्याग, सेवा और राष्ट्रहित की भावना का प्रतीक है. गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को आजादी की लड़ाई में एकजुट किया. उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सम्मान पहुंचाने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि गांधीजी का सपना केवल देश को आजाद कराना नहीं था, बल्कि ऐसा भारत बनाना था, जहां हर व्यक्ति को समान अधिकार, सम्मान और अवसर मिले. आज के समय में उनके सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और भाईचारे के संदेश को समाज में और मजबूत करने की जरूरत है.
राजनील तिग्गा ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है. उन्होंने कठिन परिस्थितियों में देश का नेतृत्व करते हुए लोगों में आत्मविश्वास पैदा किया. उनका दिया हुआ ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा आज भी देश के जवानों और किसानों के योगदान की याद दिलाता है. उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है. गांधीजी ने सत्य और अहिंसा का रास्ता दिखाया, जबकि शास्त्रीजी ने सादगी और राष्ट्रसेवा का आदर्श प्रस्तुत किया. इन महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके विचारों को अपने आचरण और सामाजिक जीवन में उतारा जाए.
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से समाज के कमजोर, गरीब और जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े होने तथा आपसी भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए कार्य करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष राजनील तिग्गा समेत नगर अध्यक्ष जय सिंह, रोहित उरांव,अरूण कुमार, संजीव मलानी ,रफी अली, डॉ चंद्र किशोर केरकेट्टा, लाडले खान, मिन्हाज खान , साहेब वसीम, गुलाम सरवर , सगीर आलम, ख़ालिद सा,शहाबुद्दीन खान, भैयाराम उरांव, मुख्तार आलम, पप्पु खान आदि उपस्थित थे.
