गुमला अस्पताल की कमियों को दूर करने की मांग को लेकर महिलाओं का आमरण अनशन शुरू
गुमला सदर अस्पताल की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर झारखंड प्रदेश प्रतिज्ञा महिला एसोसिएशन के बैनरतले सोमवार से महिलाओं ने सदर अस्पताल के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गयी. आंदोलन का नेतृत्व कर रही एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष देवकी देवी ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा है कि गुमला सदर अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है. या तो सरकार और अस्पताल प्रबंधन हमारी जायज मांगों को तुरंत माने, नहीं तो अब यहां से हमारी लाश ही उठेगी.
आंदोलनकारी महिलाओं ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया. एसोसिएशन की मुख्य मांगों में सदर अस्पताल में खून की लगातार हो रही किल्लत को दूर करना, बंद पड़े ब्लड बैंक को अविलंब पूरी क्षमता के साथ चालू करना, गरीबों का पर्ची कटवाने के लिये ऑफलाईन मोड़ में सुविधा उपलब्ध कराना, अस्पताल में सभी गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पदों पर बहाली करना और मामूली बीमारी में भी मरीजों को रिम्स रांची रेफर करने की विवशता को बंद कर यहीं पर समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है.
मौके पर मुख्य रूप से शोभा देवी, काशी देवी, सुशीला मिंज, समीरा बेक, सलमी मिंज, चंद्रमणि देवी, मार्गरेट कुजूर, मंजुला टोप्पो, विलास देवी, बिरसी देवी, सुखमनी मिंज, रेखा कुजूर, सरिता देवी सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित थीं, जिन्होंने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है.
