गुमला

दिशा की बैठक से अनुपस्थित रहने वाले एनएचएआइ के इइ से स्पष्टीकरण

गुमला जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक शनिवार को समाहरणालय सभागार चंदाली गुमला में हुई. अध्यक्षता सांसद सह दिशा अध्यक्ष सुखदेव भगत ने की. बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गयी. सर्वप्रथम पूर्व की बैठक का अनुपालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गयी. उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन द्वारा विभिन्न विभागों से प्राप्त अनुपालन प्रतिवेदन की जानकारी प्रस्तुत की गयी. समीक्षा के दौरान सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिये. उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी.

उन्होंने सभी विभागों को दिशा समिति की बैठकों को गंभीरता से लेने तथा पूर्व में दिये गये निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. वहीं सांसद ने राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल एवं एनएचएआई की समीक्षा के दौरान पूर्व बैठक में अनुपस्थित रहने को लेकर कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल से स्पष्टीकरण मांगा. साथ ही दिशा समिति को योजनाओं की प्रगति एवं जांच संबंधी सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराये जाने पर नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना से संबंधित जांच अथवा महत्वपूर्ण गतिविधियों की जानकारी समिति एवं जिला प्रशासन को समय पर उपलब्ध करायी जानी चाहिये तथा कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिये. एनएचएआई परियोजनाओं की समीक्षा में सड़क दुर्घटनाओं एवं सुरक्षा संबंधी विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गयी. एक दुर्घटना मामले में आयु संबंधी तथ्यों में विसंगति पर सांसद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया. उन्होंने कॉरिडोर मॉनिटरिंग, कैमरा स्थापना तथा चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स के सुधार हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा. हिंडाल्को प्रबंधन से संबंधित समीक्षा के दौरान सांसद ने हाड़ुप पंचायत सहित विभिन्न खनन एवं पाट क्षेत्रों में पेयजल, जलापूर्ति तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ करने का निर्देश दिया.

उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों के रैयतों एवं स्थानीय नागरिकों को रोजगार में प्राथमिकता देने, स्थानीय वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करने तथा युवाओं को सम्मानजनक रोजगार एवं उचित पारिश्रमिक उपलब्ध कराने पर बल दिया. जेएसएलपीएस की समीक्षा में सांसद ने स्वयं सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों, एचजीएम नवीनीकरण एवं एफपीओ को बैंकिंग सहयोग उपलब्ध कराने से संबंधित विषयों पर चर्चा किया. साथ ही बैंक प्रतिनिधियों को स्थानीय भाषा में संवाद स्थापित कर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. वहीं कृषि विभाग, उद्यान विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, मनरेगा, आवास योजना की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया. बैठक में मुख्य रूप से उपायुक्त दिलेश्वर महतो, पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी अहमद बेलाल अनवर, जिप अध्यक्ष किरण माला बाड़ा, नप अध्यक्ष शकुंतला उरांव, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी कर्मी एवं दिशा सदस्य व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.

रेलवे एवं आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा

बैठक में रेलवे से संबंधित लंबित प्रस्तावों, क्षेत्रीय संपर्क एवं आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गयी. सांसद ने कहा कि दिशा समिति केवल अनुश्रवण का मंच नहीं, बल्कि समन्वय का भी महत्वपूर्ण माध्यम है. सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा समिति द्वारा दिये गये निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रोत्साहित किया जायेगा तथा लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.

जवाबदेही से विकास कार्यों को मिलेगी नई गति : सांसद

गुमला. सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि दिशा समिति केवल योजनाओं की समीक्षा का मंच नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने कहा कि बैठक में प्रधानमंत्री आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कृषि, खनन, ग्रामीण विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई है. उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों द्वारा जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव एवं मुद्दे उठाये गये. जिनपर गंभीरतापूर्वक विचार किया गया है. जिला प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा अधिकांश मामलों में सकारात्मक पहल की जा रही है. वहीं जिन मामलों में लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आयी है. उनमें आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. साथ ही अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रोत्साहित भी किया जायेगा. सांसद ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दिशा समिति की बैठकों में दिये गये. निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करें तथा अंतिम तिथि की प्रतीक्षा करने के बजाय समस्याओं के समाधान हेतु त्वरित कार्रवाई करें.

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