गुमला में पांच घटना, पांच लोगों की मौत, पति की बेवफाई व सौतन के तानों से तंग महिला ने की आत्महत्या
गुमला जिले में पांच घटनाएं घटी. जिसमें पांच लोगों की मौत हो गयी. आत्महत्या, हादसा व वज्रपात से सभी मौतें हुई है. पुलिस ने शव बरामद की पोस्टमार्टम कराया और शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया. पहली घटना में कहते हैं इश्क और बेवफाई का अंजाम कभी अच्छा नहीं होता. बिशुनपुर थाना क्षेत्र के हेलता अंबाटोली में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पति की बेवफाई और सौतन की तानों से तंग आकर 35 वर्षीय नीलू देवी ने बीती रात दुपट्टे का फंदा बनाकर मौत को गले लगा लिया. सस्पेंस और धोखे से भरी इस कहानी के तार काफी उलझे हुए हैं. जानकारी के अनुसार, मृतका नीलू देवी के पति मृत्युंजय उरांव ने दो शादियां कर रखी थीं. उसकी पहली शादी देवरागानी निवासी बसंती उरांव के साथ हुई थी, जिससे उसका एक बेटा है. वहीं, दूसरी तरफ उसने नीलू देवी को भी अपनी पत्नी बनाकर रखा था. जिससे उसकी तीन बेटियां और एक बेटा है. मृत्युंजय दोनों पत्नियों के साथ रिश्ते के इस जाल को संभाल नहीं पा रहा था.
मामला तब और बिगड़ा जब बीते 21 जून को नीलू देवी और उसका पति मृत्युंजय रांची से बिशुनपुर लौटे. घर लौटते ही दोनों पत्नियों (नीलू और बसंती) का आमना-सामना हो गया. इसके बाद घर में जमकर हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गयी. पति की बेवफाई और सौतन के तानों ने नीलू को भीतर से इस कदर तोड़ दिया कि उसने आत्महत्या कर ली. रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया है. पुलिस अब इस उलझी हुई प्रेम, बेवफाई और खुदकुशी की दास्तान की कड़ियों को जोड़ने और मामले की तह तक जाने के लिये आगे की तफ्तीश में जुट गयी है.
दूसरी घटना : कुगांव में वज्रपात से किसान की मौत
घाघरा थाना क्षेत्र के कुगांव गांव में रविवार को आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से 35 वर्षीय किसान देवराज उरांव की दर्दनाक मौत हो गयी. प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवराज उरांव खेत में धान का बिचड़ा छिटने का काम पूरा कर वापस अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से वे गंभीर रूप से झुलस गये और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गयी. घटना की भनक लगते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं. इस असमय हादसे के बाद पूरे कुगांव गांव में शोक की लहर दौड़ गयी है. बताया जाता है कि देवराज अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जिन पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी. उनके पीछे परिवार में पत्नी और तीन छोटे बच्चे बेसहारा हो गये हैं, जिनमें सबसे बड़ा बेटा अभी नौवीं कक्षा में पढ़ता है. पिता की अचानक हुई इस मौत से पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. ग्रामीणों ने जिला व अंचल प्रशासन से पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए शीघ्र आपदा राहत राशि, सरकारी मुआवजा और अन्य आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है.
तीसरी घटना : महिला ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
गुमला सदर थाना के कोटाम स्थित पतगच्छा भदलीटोंगरी निवासी 60 वर्षीय रतईन देवी ने गांव के ही समीप एक अरंडी (रेड़ी) के झाड़ में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. रविवार की सुबह महिला का शव लटकता हुआ मिलने से इलाके में सनसनी फैल गयी है. मृतका के पति लक्षण लोहरा ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले नौ महीनों से बिहार में रह रही थी. एक सप्ताह पहले ही बिहार से वापस अपने घर कोटाम लौटी थी. पति के अनुसार, शनिवार की रात लगभग आठ बजे रतईन देवी ने सामान्य रूप से खाना खाया और फिर घर से बाहर निकल गयी. इसके बाद वह रात में वापस नहीं लौटी. सुबह जब ग्रामीण और परिवार के लोग बाहर निकले, तो हर्राडांड़ के समीप अरंडी की झाड़ी में उसका शव लटकता हुआ पाया गया. पति लक्षण लोहरा ने आशंका जताते हुए कहा कि संभवतः अत्यधिक शराब के नशे में होने के कारण ही उसने ऐसा आत्मघाती कदम उठाया होगा. हालांकि, आत्महत्या के स्पष्ट और सटीक कारणों का अब तक पूरी तरह खुलासा नहीं हो सका है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और स्थिति साफ हो पायेगी.
चौथी घटना : युवती की मौत, पोस्टमार्टम हुआ
पालकोट थाना क्षेत्र के तपकारा नवाटोली में 30 वर्षीय सुकरी कुमारी की मौत हो गयी. परिजनों के अनुसार उसे मिर्गी का दौरा पड़ा था. जबकि कुछ ग्रामीण इस मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जता रहे हैं. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. अब रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा.
पांचवीं घटना : बसिया से युवक का शव बरामद
बसिया पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया. शव के शरीर पर चोट के निशान मिलने से मामला संदिग्ध माना जा रहा है. मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है. पुलिस ने शव को सदर अस्पताल के शीतगृह में 72 घंटे के लिए सुरक्षित रख दिया है. ताकि पहचान होने पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके.
