कोर्ट का सख्त रुख: जितेंद्र साहू घोषित हुआ भगोड़ा, स्थायी वारंट जारी करने का निर्देश
लंबे समय से न्यायालय में उपस्थित नहीं होने वाले आरोपी जितेंद्र साहू के खिलाफ गुमला की अदालत ने सख्त रुख अपनाया है. सेशन ट्रायल केस संख्या 218/2018 में सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी जितेंद्र साहू पिता लोढ़ा साहू निवासी बाकसपुर थाना कर्रा, जिला खूंटी को अपराधी घोषित कर दिया है. मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश-थ्री भूपेश कुमार की अदालत में हुई. राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक सुधीर टोप्पो उपस्थित थे. जबकि आरोपी की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ. अदालत को प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 84/सीआरपीसी की धारा 82 के तहत जारी उद्घोषणा का विधिवत तामिला कराया गया था.
रिपोर्ट में बताया गया कि 17 जुलाई 2026 को पुलिस अवर निरीक्षक राजमणि सिंह ने गवाह लोढ़ा साहू और अघन प्रधान की मौजूदगी में आरोपी जितेंद्र साहू के घर के बाहर उद्घोषणा चस्पा की थी. इसकी रिपोर्ट डीआर संख्या 1516/26 के माध्यम से 18 जुलाई को न्यायालय में प्रस्तुत की गयी. अदालत ने पाया कि उद्घोषणा के बाद निर्धारित 30 दिनों की वैधानिक अवधि भी समाप्त हो चुकी है. लेकिन इसके बावजूद आरोपी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ. इसके बाद अदालत ने जितेंद्र साहू को घोषित अपराधी घोषित करते हुए उसके खिलाफ रेड परमानेंट वारंट जारी करने का निर्देश दिया. साथ ही गुमला थाना के प्रभारी को आरोपी के खिलाफ बीएनएस, 2023 की धारा 209 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है. संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना देने का भी आदेश अदालत ने दिया.
अदालत ने आरोपी की ओर से न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला को एलएडीसी नियुक्त करने के लिए पत्र जारी करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त 2026 को निर्धारित की गयी है. उस दिन अभियोजन साक्ष्य के लिए चार्जशीट के गवाह संख्या 8, 9 और 10 को समन जारी किया गया है.
