बुकमा में हाथियों का तांडव, घर को पहुंचाया नुकसान; वन विभाग की क्यूआरटी ने खदेड़ा
गुमला के चैनपुर प्रखंड के रामपुर पंचायत अंतर्गत बुकमा गांव में जंगली हाथियों का आतंक एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. देर रात लगभग 9 बजे एक जंगली हाथी अचानक रिहायशी इलाके में आ धमका और तांडव मचाते हुए सुखराम तिर्की के घर को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. इस अचानक हुए हमले से पूरे गांव में दहशत फैल गई और ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे.
क्यूआरटी टीम ने त्वरित कार्रवाई कर हाथी को खदेड़ा
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग तुरंत हरकत में आया. वन विभाग के वनपाल राजकुमार साहू के नेतृत्व में क्विक रिस्पांस टीम तुरंत मौके पर पहुंची. वन कर्मियों और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत और सूझबूझ का परिचय देते हुए देर रात हाथी को गांव से बाहर सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ दिया. सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग की टीम ने प्रभावित परिवार को टॉर्च और अन्य जरूरी राहत सामग्रियां उपलब्ध कराई हैं. साथ ही वन कर्मियों ने ग्रामीणों को रात के समय सतर्क रहने, घरों से बाहर न निकलने और हाथियों को न छेड़ने की विशेष सलाह दी है.
ग्रामीणों का कहना है कि चैनपुर प्रखंड के विभिन्न इलाकों में पिछले कुछ समय से जंगली हाथियों का लगातार उत्पात जारी है. हाथियों के गांवों में प्रवेश करने और घरों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं से लोगों में भारी भय का माहौल है. लोगों को रात के समय जागकर पहरा देना पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि हाथियों के इस स्थायी आतंक से निजात दिलाने के लिए क्षेत्र में प्रभावी कदम उठाए जाएं. साथ ही, हाथी के हमले से बेघर हुए सुखराम तिर्की को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की गई है ताकि वे अपने टूटे हुए आशियाने की मरम्मत करा सकें.
