‘मृत आत्माओं को जगाने’ की अफवाह पर बवाल, सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे घाघरा थाना
गांव के सैकड़ों महिला-पुरुष मंगलवार को घाघरा थाना पहुंचे. ग्रामीणों का कहना था कि गांव में हुई एक घटना से लोगों की धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं को ठेस पहुंची है. जानकारी के अनुसार, 28 जुलाई को बड़काडीह निवासी मंगरा उरांव और विश्राम उरांव (चरकु) की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. गांव की परंपरा के अनुसार दोनों का अंतिम संस्कार गांव की सीमा पर किया गया.
ग्रामीणों का आरोप है कि 31 जुलाई को गांव के पास रहने वाली धनमुनि भगताइन और दो अन्य महिलाएं अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचीं. वहां उन्होंने कथित तौर पर मड़वा गाड़ा, फिर खिचड़ी और खीर बनाकर खाई. इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.
ग्रामीणों का कहना है कि मड़वा विवाह जैसे शुभ अवसरों पर गाड़ा जाता है, जबकि मृतकों के दफन स्थल पर ऐसा करना गांव की परंपरा के खिलाफ है.उनका आरोप है कि इस तरह की पूजा-पाठ से मृतकों की आत्माओं को “जगा दिया गया” है. इसी बात को लेकर शनिवार को ग्रामीण धनमुनि भगताइन के घर पहुंचे और उनसे इस संबंध में जवाब मांगा.
वहीं, धनमुनि भगताइन ने रविवार को घाघरा थाना में चार-पांच लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित लोगों को थाना बुलाया. इसकी जानकारी मिलते ही पूरे गांव के सैकड़ों महिला-पुरुष भी थाना पहुंच गए. उन्होंने पुलिस के सामने अपनी आपत्ति दोहराते हुए कहा कि मृतकों के दफन स्थल पर मड़वा गाड़ने का कोई औचित्य नहीं है और इससे गांव में भय और भ्रम का माहौल बन गया है.
घाघरा थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया. पुलिस ने मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए बुधवार सुबह 8 बजे गांव में बैठक बुलाने की बात कही. इसके बाद सभी ग्रामीण अपने-अपने घर लौट गए.
