गुमला

पांच लाख का इनामी रामदेव उरांव समेत झांगुर ग्रुप के तीन अपराधियों ने किया आत्मसमर्पण

वरीय पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कुख्यात झांगुर ग्रुप के तीन अपराधियों ने शनिवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करनेवालों में गिरोह का सरगना और पांच लाख रुपये का इनामी अपराधी रामदेव उरांव (47), प्रसाद उरांव (24) तथा सुभाष उरांव (23) शामिल हैं. तीनों गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र स्थित देवरागानी गांव के निवासी हैं. पुलिस को सूचना मिली थी कि रामदेव उरांव और उसके संगठन के सदस्य रांची-गुमला सीमा क्षेत्र में घूम रहे हैं और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण की तैयारी में हैं.

सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में बेड़ो डीएसपी दीपक कुमार की अगुवाई में टीम का गठन किया गया. इधर, इसकी सूचना गुमला पुलिस को भी मिली. इसके बाद पुलिस अधीक्षक गुमला के निर्देश पर घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह, विकास कुमार तथा सशस्त्र बलों की टीम को रांची-गुमला सीमा क्षेत्र में भेजा गया. संयुक्त पुलिस टीम जब सीमा क्षेत्र में पहुंची, तब तीनों ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होने तथा मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा जतायी. इसके बाद उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया.

पुलिस के अनुसार रामदेव उरांव झांगुर ग्रुप का प्रमुख है. उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. उसके खिलाफ गुमला सहित विभिन्न जिलों में हत्या, अपहरण, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के कुल 29 मामले दर्ज हैं. गिरोह के सदस्यों ने स्वचालित हथियार एके-56, 45 जिंदा कारतूस, दो मैगजीन, एक एसएलआर राइफल पुलिस को सौंप दिया. कार्रवाई में बेड़ो डीएसपी दीपक कुमार, पुलिस निरीक्षक उत्तम कुमार उपाध्याय, बेड़ो थाना प्रभारी मो कफील अहमद, अवर निरीक्षक उत्तम कुमार पासवान, शौकत अली, पुलिस अवर निरीक्षक मोहन कुमार सिंह, घाघरा थाना प्रभारी विकास कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे.

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