गुमला

चैनपुर अस्पताल में हंगामा, एंबुलेंस नहीं चली, इलाज में देरी से छात्रा की मौत

गुमला चैनपुर की शिवानी स्कूल जाने तो तैयार हो रही थी. तभी सिर में दर्द हुआ और उल्टियां होने लगीं. आनन-फानन में चैनपुर सीएचसी लेकर मां-बाप पहुंचे. डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज तक नहीं किया और सीधा रेफर कर दिया. जब गुमला सदर अस्पताल के लिए एंबुलेंस मांगा गया तो एंबुलेंस को धक्का देकर दिखाया गया कि वो स्टार्ट नहीं हो रहा.परिजन बीमार बेटी को गोद में लेकर इंतजार करते रहे. पीकअप गाड़ी में आगे की सीट पर बैठाकर परिजन ले जाने लगे. अभी उनकी गाड़ी शहर तक पहुंची भी नहीं थी कि बेटी की सांसें थम गई.

चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस नहीं मिलने और समय पर इलाज नहीं होने से 14 वर्षीय छात्रा शिवानी कुमारी की मौत हो गई. शिवानी प्रेमनगर की रहने वाली थी. परिजनों का आरोप है कि वह अचानक बेहोश हो गई थी और करीब तीन घंटे तक अस्पताल परिसर में अचेत पड़ी रही. इस दौरान न तो डॉक्टर ने समय पर उसका इलाज किया और न ही उसे दूसरे अस्पताल भेजने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई.

परिजनों का कहना है कि अस्पताल में खड़ी सरकारी एंबुलेंस खराब थी, इसलिए उसे चालू नहीं किया जा सका. कई लोगों ने धक्का देकर एंबुलेंस स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं चली. उनका आरोप है कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल में उसे ऑक्सीजन भी नहीं दी गई. मजबूरी में परिवार ने एक निजी पिकअप वैन किराये पर ली और मां राजमुनी की गोद में लिटाकर बच्ची को गुमला सदर अस्पताल ले गए. लेकिन रास्ते में उसकी हालत और बिगड़ती गई. सदर अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना से नाराज लोगों ने चैनपुर अस्पताल का घेराव कर जमकर हंगामा किया.

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