चैनपुर : सरखी गांव में जंगली हाथी का आतंक, मचाई तबाही, परिवार ने भागकर बचाई जान
(चैनपुर से अंकित कुमार पासवान की रिपोर्ट)
चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरखी गांव में सोमवार की मध्य रात्रि एक जंगली हाथी के अचानक घुस आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई. हाथी ने गांव के गरीब किसान फुलदोर खलखो, पिता स्वर्गीय रेमिस खलखो के कच्चे मकान पर हमला कर उसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. अचानक हुए हाथी के हमले से परिवार के लोग बुरी तरह घबरा गए और किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई.
पीड़ित किसान फुलदोर खलखो ने बताया कि रात में परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर सो रहे थे. इसी दौरान अचानक जंगली हाथी घर के पास पहुंच गया और मकान को तोड़ना शुरू कर दिया. हाथी की आवाज और घर के गिरने से परिवार में अफरा-तफरी मच गई. जान बचाने के लिए परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे. कुछ ही देर में हाथी ने कच्चे मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया.
हाथी ने घर में रखे करीब 50 किलोग्राम अनाज को खा लिया, जबकि मकान के मलबे में दबने से घर में रखे कई घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हो गए. गरीब किसान के लिए यह घटना बड़ा आर्थिक नुकसान लेकर आई है. मकान क्षतिग्रस्त होने के कारण परिवार के सामने अब रहने की समस्या भी खड़ी हो गई है.
घटना की सूचना मिलने के बाद मंगलवार की सुबह वन विभाग की टीम सरखी गांव पहुंची. टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हाथी द्वारा किए गए नुकसान का जायजा लिया. वनपाल राजकुमार साहू ने पीड़ित किसान से घटना की जानकारी ली तथा नुकसान का आकलन करने के बाद नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया.
लगातार बढ़ रहा हाथियों का आतंक
ग्रामीणों का कहना है कि चैनपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आए दिन जंगली हाथियों के आने की घटनाएं सामने आ रही हैं. हाथियों के झुंड द्वारा खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ अब ग्रामीणों के घरों को भी निशाना बनाया जा रहा है. इससे ग्रामीणों में हमेशा भय का माहौल बना रहता है. खासकर रात के समय ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलने में भी डरते हैं.
ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली हाथियों को आबादी वाले इलाकों से दूर रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है. साथ ही हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने और प्रभावित गांवों में वन विभाग की टीम को सक्रिय रखने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से जान-माल का नुकसान न हो.
ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवारों के लिए घर और अनाज का नुकसान काफी बड़ी क्षति है. ऐसे में प्रशासन और वन विभाग को पीड़ित परिवार को जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने के साथ-साथ हाथियों से सुरक्षा के लिए स्थायी उपाय करने की जरूरत है.
