गुमला में अलग अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत
घाघरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत नाथपुर के समीप सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में 55 वर्षीय नाइट गार्ड की जान चली गयी. मृतक की पहचान नाथपुर निवासी हरिपाल उरांव के रूप में हुई है, जो एडी चर्च स्कूल बड़काडीह में कार्यरत थे. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7.00 बजे हरिपाल उरांव अपनी साइकिल से नाइट गार्ड की ड्यूटी के लिये स्कूल जा रहे थे. इसी दौरान नाथपुर के पास पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार अज्ञात मोटरसाइकिल ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी. टक्कर मारकर बाइक सवार मौके से फरार होने में सफल रहा. हादसे के बाद घायल हरिपाल को तुरंत घाघरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें गुमला रेफर किया गया और फिर वहां से बेहतर इलाज के लिये रांची भेज दिया गया. लेकिन रांची ले जाने के दौरान सिसई के समीप हरिपाल ने दम तोड़ दिया.मंगलवार सुबह गुमला सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. मृतक के परिवार में इस घटना के बाद से शोक की लहर है. पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और अज्ञात बाइक सवार की तलाश जारी है.
नवविवाहित युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
गुमला सदर थाना के बसुआ बरहाटोली में मंगलवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आयी है. जहां 26 वर्षीय बसंत बैठा ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक निर्माणाधीन सदर अस्पताल में श्रमिक (लेबर) के रूप में कार्य करता था. बसंत बैठा मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे अपने घर पर था. इसी दौरान उसने धान ढोने वाली रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली. परिजनों ने जब दरवाजा खोला तबतक मृतक की सांस उखड़ चुकी थी. मृतक के परिजनों ने बताया कि बसंत काम के सिलसिले में बाहर रहता था. लेकिन एक और दो मई को वह सरहुल का त्योहार मनाने के लिये अपने गांव बसुआ आया हुआ था. किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा आत्मघाती कदम उठा लेगा. परिजनों ने बताया कि बसंत ने तीन साल पहले भी जहर खाकर जान देने की कोशिश की थी. हालांकि उस वक्त उसे बचा लिया गया था. वर्तमान में उसकी शादी को महज पांच महीने ही हुए थे. जिससे परिवार में मातम का माहौल और भी गहरा गया है. घटना की सूचना मिलते ही गुमला पुलिस सदर अस्पताल पहुंची. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है. पुलिस ने स्थानीय गवाहों और परिजनों के बयान दर्ज कर मंगलवार को ही पोस्टमार्टम करवाया. वहीं फिलहाल आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है.
सड़क हादसे में युवक की मौत, खड़े ट्रैक्टर से टकरायी बाइक
गुमला. चैनपुर थाना क्षेत्र के परहाटोली के समीप सड़क हादसे में 32 वर्षीय युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया. मृतक की पहचान सुगासरवा गांव निवासी अल्बीनुस लकड़ा के रूप में हुई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, अल्बीनुस लकड़ा अपने साथी अभय एक्का (35 वर्ष) के साथ सोमवार को मोटरसाइकिल से घाघरा थाना क्षेत्र के पनसो बाजार गया था. बताया जा रहा है कि अल्बीनुस ने पिछले सोमवार को वहां से बैल खरीदा था, जिसके कुछ पैसे बकाया था. उसी बकाया राशि का भुगतान करने के लिये दोनों एक सप्ताह बाद फिर सोमवार शाम पनसो बाजार गये थे. वापसी के दौरान, शाम करीब 6:30 बजे परहाटोली के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर को उनकी मोटरसाइकिल ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अल्बीनुस लकड़ा की मौके पर ही जान चली गयी. घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर पहुंचाया. मंगलवार को पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे परिजनों को सौंप दिया. इस घटना के बाद परिजनों में शोक की लहर है.
छत से जमीन पर गिरने से मजदूर की मौत
भरनो. प्रखंड के जिरहुल गांव निवासी करमा उरांव (46) की मौत मंगलवार को घर के छप्पर से गिरने से हो गयी. प्राप्त जानकारी के अनुसार करमा उरांव गांव में मजदूरी का काम करता था. वह मंगलवार को अपने गांव के ही किशवा उरांव के घर के छप्पर में चढ़कर खपड़ा बदलने का काम कर रहा था. इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह छप्पर से नीचे जमीन पर गिर गया. छत्त से गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया. वहां मौजूद ग्रामीणों एवं उसके परिजनों के द्वारा आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरनो पहुंचाया गया. जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी. मृतक करमा उरांव काफी गरीब व्यक्ति था. उसके तीन बेटे हैं. वह मजदूरी कर अपने परिवार के भरण-पोषण करता था. उसकी मौत से पत्नी व बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है.
डुंबो के मजदूर की जमशेदपुर में मौत
भरनो. प्रखंड के डुंबों गांव निवासी 46 वर्षीय मजदूर रमेश उरांव की संदेहास्पद स्थिति में जमेशदपुर में मौत हो गयी. इस संबंध में पंचायत के मुखिया जयराम उरांव ने बताया कि मृतक रमेश काफी दिनों से जमशेदपुर के एक निजी कंपनी में कार्य कर रहा था. फिलहाल एक महीने पहले गांव के एक सादी समारोह में भी आया हुआ था. शादी बीत जाने के बाद अपने साथ एक पुत्र समीर उरांव को भी जमशेदपुर ले गया. गत रविवार की रात रमेश जमशेदपुर में ही किसी के शादी में शामिल होकर खाना खाने के बाद अपना डेरा लौटा. जहां उसे उल्टी और दस्त होने लगी. जब उसके साथियों ने हॉस्पिटल ले जाने की तैयारी करने लगे तब तक देर हो चुकी थी. जिससे डेरा में ही उसने दम तोड़ दिया. सोमवार को उसके परिजनों द्वारा शव को उसका गांव डुंबों भगतटोली लाया और सामाजिक रीति रिवाज के साथ दाह संस्कार कर दिया गया. वह अपने पीछे पत्नी और तीन संतान छोड़ गया. रमेश घर में अकेला कमाने वाला था. उसकी मौत से उसके परिजनों में दुःख का पहाड़ टूट पड़ा है.
