नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को 10 साल की कैद
गुमला में नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में एडीजे-4 की अदालत ने दोषी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में उसे एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. सोमवार को एडीजे-4 संजीव भाटिया की अदालत ने बेती पतराटोली निवासी प्रदीप उरांव को मामले में दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया. अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आरोपी को अपराध का दोषी पाया.
जानकारी के अनुसार यह मामला वर्ष 2023 की है. आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग लड़की को अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था. घटना के बाद पीड़िता ने साहस जुटाकर अपने परिजनों को पूरी बात बतायी. इसके बाद परिजनों ने संबंधित थाना में शिकायत दर्ज करायी. जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.
पुलिस जांच के दौरान एकत्र किये गये साक्ष्यों और न्यायालय में चले मुकदमे के बाद अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोपों को प्रमाणित माना. न्यायालय के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है. कानूनी जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा मिलने से समाज में गलत संदेश देने वालों पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है. वहीं पीड़िता पक्ष ने भी अदालत के फैसले पर संतोष जताया है. अदालत के फैसले के साथ करीब तीन वर्ष पुराने इस मामले का न्यायिक पटाक्षेप हो गया और दोषी को उसके अपराध की सजा मिल गयी.
