बीपीएससी परीक्षा : गुमला की अनुपमा विनायक व सृष्टि कुमारी बनीं पदाधिकारी
गुमला की प्रतिभाशाली बेटी कुमारी अनुपमा विनायक ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग परीक्षा में सफलता प्राप्त कर क्षेत्र, परिवार एवं विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है. वह श्री संजय कुमार विनायक एवं कुमारी मांडवी रानी की सुपुत्री हैं. अनुपमा की प्रारंभिक एवं स्कूली शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल गुमला से हुई. 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने जेइइ मेन परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद प्रतिष्ठित बीआइटी मेसरा से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की.
इंजीनियरिंग शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत उनका चयन कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड में हुआ. जहां वह असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत है. नौकरी के साथ-साथ उन्होंने निरंतर अध्ययन, अनुशासन और कठिन परिश्रम को जारी रखा. अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन एवं अथक मेहनत के बल पर अनुपमा ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया. उनकी इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों, शिक्षकों एवं पूरे क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है. अनुपमा की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखते हैं. उनकी उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि समर्पण, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है.
सृष्टि कुमारी ने बीपीएससी परीक्षा में भरनो का बढ़ाया मान
भरनो निवासी खाद दुकान संचालक दिनेश प्रसाद केशरी की पुत्री सृष्टि कुमारी ने बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रखंड का नाम रोशन किया है. सृष्टि को परीक्षा में 553वीं रैंक प्राप्त हुई है, जिसके आधार पर उनका चयन ग्रामीण विकास विभाग के लिये हुआ है. सृष्टि ने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है. वह रांची में रहकर ऑनलाइन माध्यम से यूपीएससी की तैयारी कर रही थी. इससे पहले वह यूपीएससी के इंटरव्यू तक पहुंच चुकी थी, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार तैयारी जारी रखी. सृष्टि ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दिवंगत दादा स्वर्गीय गौरी शंकर केशरी, चाचा आनंददेव प्रसाद केशरी, योगेश प्रसाद केशरी, पिता दिनेश प्रसाद केशरी, माता रंजना देवी और पूरे परिवार को दिया. उन्होंने कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करना है, जिसके लिये वह निरंतर मेहनत कर रही है.
