गुमला

आंजन धाम में हनुमान जयंती महोत्सव को राजकीय पर्यटन महोत्सव घोषित करने के प्रस्ताव पर चर्चा

 गुमला जिला पर्यटन संवर्धन समिति (डीटीपीसी) की विशेष बैठक गुरुवार को उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में हुई. पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आंजन धाम में प्रतिवर्ष चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित हनुमान जयंती महोत्सव को राजकीय पर्यटन महोत्सव घोषित कराने का प्रस्ताव पर चर्चा किया गया. इसके साथ ही आंजन धाम के सौंदर्यीकरण के अंतर्गत सीढ़ियों पर शेड निर्माण, लैंडस्केपिंग, लाइट एंड साउंड सिस्टम विकसित करने सहित अन्य पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर भी विस्तृत चर्चा किया गया. वहीं सर्वसम्मति से सारू पहाड़ सरना पूजा स्थल को जिले के पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल करने का निर्णय लिया गया. इस संबंध में उपायुक्त ने संबंधित विभागों को स्थल के समुचित विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. गुमला प्रखंड के आंजन धाम एवं सिसई प्रखंड के नवरत्नगढ़ किला को श्रेणी बी से श्रेणी ए में उन्नत करने का प्रस्ताव पर चर्चा किया गया.

वहीं बसिया प्रखंड के बाघमुंडा जलप्रपात एवं डुमरी प्रखंड के सीरा-सीता को श्रेणी सी से श्रेणी बी तथा पालकोट प्रखंड के पंपापुर व गोबर सिल्ली तथा घाघरा प्रखंड के देवाकी बाबा धाम एवं मसरिया डैम को श्रेणी डी से श्रेणी सी में उन्नत करने का प्रस्ताव भी राज्य में प्रस्ताव भेजने पर अनुमोदन किया गया. बैठक में जिले के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नये समाहरणालय भवन चंदाली परिसर में एलईडी स्क्रीन स्थापित कर उसपर गुमला के प्रमुख पर्यटन स्थलों से संबंधित प्रचारात्मक वीडियो का नियमित प्रदर्शन कराने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया. बैठक में कतरी डैम में वॉच टावर, गजीबो, सुरक्षा रेलिंग एवं आरसीसी बेंच निर्माण, पालकोट स्थित गेस्ट हाउस एवं वे-साइड एमेनिटीज के अंतर्गत आवश्यक फर्नीचर एवं अन्य सुविधाओं की उपलब्धता तथा अधिसूचित डैम एवं जलप्रपातों में डूबने वाले खतरनाक स्थलों के भराव संबंधी प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया. बैठक में जिला परिषद अध्यक्षा किरण माला बाड़ा, उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे.

इन स्थलों को अधिसूचित करने का प्रस्ताव

मां महामाया मंदिर (हापामुनी), महासदाशिव मंदिर (मरदा, रायडीह), कपिलनाथ मंदिर (सिसई), सिदमा शिव मंदिर (बसिया), ट्राइबल म्यूजियम (एराउज), गढ़पहाड़ (रायडीह), पारस डैम (भरनो), कुसुमखर्रा पिकनिक स्पॉट (बिशुनपुर) तथा तेलगांव डैम (गुमला) सहित जिले के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन विभाग से अधिसूचित कराने का प्रस्ताव भी रखा गया.

प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण का निर्देश

उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने टांगीनाथ धाम के समग्र विकास के लिए मंदिर परिसर में गार्डवाल, मंदिर तक शेड निर्माण एवं प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देने का निदे्रश दिया. साथ ही जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं के विकास हेतु साइनेज बोर्ड लगाने, पर्यटन स्थलों के प्रबंधन, रखरखाव, सुरक्षा एवं साफ-सफाई के लिए आवश्यक सामग्री क्रय करने तथा डीटीपीसी फंड से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने का निर्णय लिया गया.

दोना-पत्तल को प्रोत्साहित करें : उपायुक्त

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी पर्यटन स्थलों पर एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाये तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पत्तों से बने दोना-पत्तल के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाये. उपायुक्त ने पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जलप्रपातों एवं जलाशयों में खतरा सूचक बोर्ड लगाने, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश दिया.

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