रायडीह में दर्दनाक हादसा: यात्रियों से भरा टेम्पो पलटा, 108 एम्बुलेंस डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंची, Video
बुधवार को गुमला जिले के रायडीह थाना क्षेत्र स्थित नवागढ़ डुमरटोली के पास बड़ा सड़क हादसा हो गया. बरगीडांड़ गांव से गुमला जा रहा यात्रियों से भरा एक टेम्पो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में पलट गया. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई. टेम्पो में सवार कई यात्री उसके नीचे दब गए. स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत-बचाव शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला. इस दुर्घटना में करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद सभी घायलों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायडीह पहुंचाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने सभी घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया.
घायलों के नाम ये रहे
घायलों में नुजत प्रवीण (10 वर्ष), अलफाज खान (13 वर्ष), तनजीब खान (9 वर्ष), रेहाना प्रवीण (25 वर्ष), अमबरी नाज (23 वर्ष), ऐयर खान (10 माह), सलीमन बीबी (60 वर्ष), महीका प्रवीण (17 वर्ष), अब्दुल हकीम (26 वर्ष) — सभी ग्राम बरगीडांड़ निवासी — जबकि हुलाशी सोनाईट (39 वर्ष), ग्राम मांझाटोली निवासी शामिल हैं.
कैसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी यात्री बरगीडांड़ से टेम्पो में सवार होकर गुमला जा रहे थे. इसी दौरान नवागढ़ डुमरटोली के पास चालक अचानक वाहन से नियंत्रण खो बैठा. टेम्पो सड़क किनारे बने गड्ढे में जा गिरा और पलट गया. दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कई यात्री वाहन के नीचे दब गए. स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला.
डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंची 108 एम्बुलेंस
दुर्घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने 108 एम्बुलेंस सेवा पर फोन कर सहायता मांगी, लेकिन काफी देर तक कोई एम्बुलेंस घटनास्थल पर नहीं पहुंची. इसके बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से घायलों को निजी साधनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायडीह लाया गया. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायडीह यहां से सदर अस्पताल गुमला रेफर किए जाने के बाद फिर 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन इस बार भी डेढ़ घंटे तक एम्बुलेंस नहीं पहुंची. परिजनों ने जब एम्बुलेंस चालक से फोन पर संपर्क किया तो बताया गया कि वह घाघरा में है और रायडीह पहुंचने में अभी लगभग डेढ़ घंटा और लगेगा. घायलों की हालत लगातार बिगड़ती देख परिजनों ने इंतजार छोड़ निजी वाहन की व्यवस्था की और सभी घायलों को तत्काल सदर अस्पताल गुमला पहुंचाया.
स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल
इस घटना ने रायडीह प्रखंड की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायडीह में दो एम्बुलेंस उपलब्ध हैं, लेकिन दोनों लंबे समय से बंद पड़ी हैं. एक एम्बुलेंस टायर नहीं होने के कारण उपयोग में नहीं है, जबकि दूसरी इंजन खराब होने से खड़ी है. ऐसे में आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों और घायलों को समय पर एम्बुलेंस सुविधा नहीं मिल पा रही है. बुधवार की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब सरकारी एम्बुलेंस ही सड़क पर नहीं उतर पा रही हैं, तो गंभीर मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों की जान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
लोगों में भारी नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरा आक्रोश देखा गया. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध होती, तो घायलों को बिना देरी के बेहतर इलाज मिल सकता था. लोगों ने रायडीह में बंद पड़ी एम्बुलेंसों को जल्द चालू कराने और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग की है.
