गुमला

Video : पुल नहीं, मजबूरी है! उफनती नदी में जान जोखिम में डालकर पार जाते हैं ग्रामीण

डुमरी प्रखंड के करनी पंचायत अंतर्गत पहाड़ सुवाली गांव जाने वाले मार्ग में नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीण वर्षों से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं. खासकर बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण ग्रामीणों के लिए नदी पार करना जान जोखिम में डालने जैसा हो जाता है. हर वर्ष बारिश के मौसम में ग्रामीणों को दुर्घटना और अनहोनी की आशंका सताती रहती है. ग्रामीणों का कहना है कि नदी में पानी बढ़ने से पहाड़ सवाली गांव का संपर्क बाजार और प्रखंड मुख्यालय से लगभग कट जाता है. जलस्तर कम होने का इंतजार घंटों करना पड़ता है. इसका सबसे अधिक असर बीमार, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों पर पड़ता है. अचानक किसी ग्रामीण की तबियत बिगड़ने पर समय पर अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है.

पुल के अभाव में बरसात में गांव टापू की तरह हो जाता है : ग्रामीण कहते हैं कि पुल के अभाव में बरसात के दिनों में पहाड़ सुवाली गांव किसी टापू की तरह हो जाता है. तेज बारिश के दौरान नदी का बहाव इतना बढ़ जाता है कि उसे पार करना बेहद खतरनाक हो जाता है. इसके बावजूद रोजमर्रा की जरूरतों और जरूरी कार्यों के लिए जोखिम उठाना पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर पूर्व में सांसद सुखदेव भगत को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया गया था. लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है. ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग से जनहित एवं ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी पर जल्द से जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है.

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