CCTV से बेखबर होकर कर रहे थे चोरी, निकलते वक्त कैमरे पर पड़ी नजर तो छिपाने लगे चेहरा; फिर भी पकड़े गए 3 चोर
गुमला के रश्मि नगर में घर सूना पाकर चोरी करने वाले तीन चोर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए. चोरी के दौरान तीनों को इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनकी पूरी करतूत सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो रही है. घर से चोरी का सामान लेकर निकलते समय जब उनकी नजर कैमरे पर पड़ी तो तीनों ने चेहरे छिपाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी पहचान कैमरे में कैद हो चुकी थी. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद कर लिया. तीनों को शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
गुमला थाना कांड संख्या 393/26, दिनांक 07 अक्टूबर 2026 के मामले में पुलिस ने आसेक अली मंडल (42), पिता गुलाम मोहम्मद मंडल, निवासी यूनिसोल, थाना ओना, जिला बांकुड़ा, शाहनवाज खान (25), पिता शाहिद खान, रजा कॉलोनी, गुमला और सौरभ कुमार (23), पिता स्व. किशन राम, अंबेडकर नगर, गुमला को गिरफ्तार किया है. थाना प्रभारी दिनेश कुमार के अनुसार 4 अक्टूबर को रश्मि नगर निवासी रोहित किंडो दोपहर करीब दो बजे किसी काम से घर से बाहर गए थे. इसी दौरान आरोपियों ने घर को सूना पाकर चोरी की. घर से कांसा के बर्तन समेत करीब 10 हजार रुपये मूल्य के सामान चोरी कर लिए गए.
चोरी के बाद जब रोहित घर लौटे तो उन्हें घटना की जानकारी हुई. इसके बाद घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली गई. फुटेज में तीनों संदिग्ध घर में प्रवेश कर सामान चोरी करते स्पष्ट रूप से दिखाई दिए. पुलिस ने बताया कि चोरी करते समय आरोपियों को सीसीटीवी कैमरे के बारे में जानकारी नहीं थी. वे बेफिक्र होकर चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे थे. सामान लेकर घर से निकलने के दौरान अचानक उनकी नजर कैमरे पर पड़ी. इसके बाद उन्होंने कैमरे से बचने के लिए चेहरे छिपाने की कोशिश की, लेकिन तब तक कैमरा तीनों के चेहरे रिकॉर्ड कर चुका था.
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की और जांच के दौरान तीनों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उनके पास से चोरी का सामान भी बरामद किया है. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को 10 अक्टूबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
कैमरे से बचने की कोशिश ने ही खोला राज: पुलिस के मुताबिक आरोपियों को शायद लगा कि निकलते समय चेहरा छिपा लेने से उनकी पहचान नहीं हो पाएगी, लेकिन चोरी के दौरान की गतिविधियां और चेहरे पहले ही कैमरे में रिकॉर्ड हो चुके थे. यही फुटेज पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचने में अहम कड़ी साबित हुई.
