चैनपुर में आठ लाभुकों के बीच सूकर इकाइयों का वितरण, पशुपालन से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय
(चैनपुर से अंकित कुमार पासवान की रिपोर्ट)
ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को मजबूत करने और परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के उद्देश्य से चैनपुर प्रखंड परिसर में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान प्रखंड के विभिन्न गांवों से पहुंचे चयनित लाभुकों के बीच सूकर इकाइयों का वितरण किया गया, जिसकी शुरुआत जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने लाभुकों को सूकर सौंपकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करते हुए की. इस कल्याणकारी योजना के तहत वर्ष 2023-24 के जिला परिषद समिति से अनुमोदित 5 लाभुकों और वित्तीय वर्ष 2026-27 के 3 नए लाभुकों, यानी कुल 8 लाभुकों को इस योजना का सीधा लाभ मिला. प्रत्येक लाभुक को एक नर और चार मादा सूकर (कुल पांच सूकरों की एक इकाई) प्रदान की गई है.
योजना के तहत वर्ष 2023-24 के लाभुकों में पंख्रिसिया खेस (छिछवानी), मेनका मिंज (कोचागानी), संगीता देवी (बरवेनगर), विलियम टोप्पो (बेसनापाट) सहित पांच लाभुक शामिल रहे। वहीं वर्ष 2026-27 के तहत संगीता कुजूर (कटकाही), नीरज कुजूर (सिलफरी) और अंकित केरकेट्टा (सिलफरी) को सूकर इकाइयां सौंपी गईं.
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम: जिप सदस्य मेरी लकड़ा
लाभुलों को सूकर इकाइयां सौंपते हुए जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना’ ग्रामीण इलाकों के परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने का एक बेहद कारगर माध्यम है. सरकार की स्पष्ट मंशा है कि लोग खेती-किसानी के साथ-साथ पशुपालन से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ाएं. उन्होंने सभी लाभुकों से अपील की कि वे पूरी जिम्मेदारी और लगन के साथ इन पशुओं का पालन-पोषण करें, ताकि कम समय में उनकी आय में इजाफा हो सके और वे पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकें.
कार्यक्रम के दौरान प्रखंड प्रशासन और पशुपालन विभाग के कई पदाधिकारी, पंचायत के गणमान्य कर्मी तथा योजना का लाभ पाने वाले ग्रामीण उत्साह के साथ उपस्थित रहे.
