चैनपुर में 10वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, प्रेम प्रसंग की आशंका से सनसनी
(चैनपुर से अंकित कुमार पासवान की रिपोर्ट)
चैनपुर थाना क्षेत्र के डिपा बुकमा गांव में एक बेहद दुखद और मर्माहत करने वाली घटना सामने आई है. संत अन्ना उच्च विद्यालय की 10वीं कक्षा की 17 वर्षीया छात्रा दिव्या बाड़ा पिता—सुधीर बाड़ा ने अपने ही घर में कमरे के भीतर रस्सी के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली. इस अप्रिय घटना के बाद पूरे गांव में मातम और सन्नाटा पसर गया है. परिजनों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार दिव्या सोमवार रात को अपने कमरे में अकेले सोने गई थी. मंगलवार की सुबह जब उसकी मां नीलिमा बाड़ा उसे स्कूल जाने के लिए उठाने गईं तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज लगाने पर भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई तो मां ने खिड़की से झांककर देखा. भीतर का नजारा देख उनकी चीख निकल गई उनकी बेटी दिव्या फंदे पर लटकी हुई थी.
प्रेम प्रसंग और तनाव की जताई जा रही आशंका
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई. मृतका के दोस्तों और परिजनों के अनुसार दिव्या पिछले एक-दो दिनों से काफी उदास, चुपचाप और मायूस नजर आ रही थी. उसके चाचा ने बताया कि देर रात तक उसकी मोबाइल फोन पर नितेश नामक एक युवक से बातचीत हुई थी. आशंका जताई जा रही है कि आपसी प्रेम प्रसंग या किसी मानसिक तनाव के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया. खास बात यह भी है कि दिव्या आगामी 20 तारीख को अपने स्कूल की ओर से शैक्षणिक व आनंद यात्रा (टूर) पर पुरी घूमने जाने वाली थी जिसकी उसने काफी तैयारी भी कर रखी थी लेकिन इस अचानक हुए हादसे ने सबको स्तब्ध कर दिया है. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने चैनपुर प्रखंड प्रमुख ओलिभा कांता कुजूर को इसकी जानकारी दी. प्रमुख द्वारा चैनपुर थाना को सूचित किए जाने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची.पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पंचनामा पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए गुमला भेज दिया.
जनप्रतिनिधियों ने बंधाया ढांढस, युवाओं से की अपील
इस दुखद घटना की सूचना पाकर जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, प्रखंड प्रमुख ओलिभा कांता कुजूर और उप प्रमुख प्रमोद खलखो पीड़ित परिवार के घर पहुंचे. उन्होंने शोक संतप्त माता-पिता और परिजनों को ढांढस बंधाया. प्रमुख ओलिविया कांता कुजूर ने इस कठिन समय में पीड़ित परिवार को अपनी ओर से आर्थिक सहायता राशि प्रदान कर मदद की. इस मर्माहत करने वाली घटना पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए जिप सदस्य मेरी लकड़ा और प्रमुख ओलिविया कांता कुजूर ने क्षेत्र के युवाओं और छात्र-छात्राओं से अपील की है कि जीवन अनमोल है किसी भी प्रकार की परेशानी या तनाव की स्थिति में आत्मघाती कदम न उठाएं. युवाओं को समझदारी से काम लेना चाहिए और अपनी समस्याओं को परिवार या शुभचिंतकों के साथ साझा करना चाहिए.
