उपायुक्त ने कारीचुआं गांव का दौरा किया, गांव की समस्याओं को जाना
जिला प्रशासन गुमला द्वारा शनिवार को कामडारा प्रखंड अंतर्गत सुरहू पंचायत के सुदूरवर्ती ग्राम कारीचुआं में विकासात्मक योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण एवं जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महतो, अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे. मौके पर गांव के लोगों द्वारा गांव की सामाजिक व आर्थिक स्थिति, आजीविका के साधनों एवं प्रमुख समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराया गया. ग्रामीणों ने विशेष रूप से पेयजल संकट, सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन की आवश्यकता एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से संबंधित समस्याएं रखी.
इस दौरान उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. वहीं निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने पाया कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति के अनुरूप लाह की खेती, बकरी पालन एवं मधुमक्खी पालन में व्यापक संभावनाएं हैं. उन्होंने एनजीओ को लाह उत्पादन को परंपरागत स्तर से आगे बढ़ाकर वैज्ञानिक तरीके से स्केल-अप करने, वर्ष में दो बार उत्पादन की संभावनाएं विकसित करने एवं उत्पाद की बाजार उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु उद्यमिता विकास केंद्र से जोड़ने का निर्देश दिया. साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ते हुए उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य करने को कहा गया. उपायुक्त ने क्षेत्र में जल संकट की समस्या को देखते हुए बीडीओ को मनरेगा के तहत कूप निर्माण को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. कहा कि जहां बोरिंग एवं चेकडैम संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक जल संरक्षण उपायों को अपनाया जाये.
वहीं सुरहू डैम का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए केज कल्चर प्रारंभ करने, लिफ्ट इरिगेशन की व्यवस्था विकसित करने तथा किसानों के साथ बैठक कर आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का निर्देश दिया. आवास एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के मामले में उपायुक्त ने अतिवृष्टि या जंगली हाथियों से क्षतिग्रस्त आवास वाले जरूरतमंद लाभुकों को चिन्हित कर उन्हें आवास योजना से आच्छादित करने का निर्देश दिया. राजकीय मध्य विद्यालय लोयंगा का निरीक्षण में उपायुक्त ने विद्यालय में साफ-सफाई, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता एवं बच्चों की पढ़ाई की स्थिति का जायजा लिया तथा शिक्षकों को बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने का निर्देश दिया. स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण में उपायुक्त ने साफ-सफाई, सीसीटीवी स्थापना तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों का समय पर निर्गमन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इसके पश्चात उपायुक्त ने कामडारा प्रखंड कार्यालय का भी निरीक्षण किया.
अंचल दिवस के माध्यम से हम लोगों तक प्रशासन की पहुंच को और मजबूत बना रहे हैं : डीसी
कामडारा प्रखंड कार्यालय कामडारा में शनिवार को अंचल दिवस का आयोजन किया गया. अंचल दिवस में उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महतो, अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाईक, अनुमंडल पदाधिकारी जयवंती देवगम सहित अन्य प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे. मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे. अधिकांश मामले जमीन से संबंधित थे. कार्यक्रम के दौरान राजस्व एवं भूमि से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया, जबकि शेष जटिल मामलों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया. इस दौरान ग्रामीणों ने भूमि मापी, दाखिल-खारिज, रसीद निर्गमन एवं सीमांकन जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से रखी. उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व से जुड़े मामलों का निष्पादन पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाये, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो. उपायुक्त ने आमजनों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी और भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है. उपायुक्त ने कहा कि अंचल दिवस जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, जिससे समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान संभव हो सके. उपायुक्त ने कहा कि अंचल दिवस के माध्यम से हम लोगों तक प्रशासन की पहुंच को और मजबूत बना रहे हैं. जमीन से जुड़े मामले आम लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं. इसलिए इनका समय पर समाधान हमारी प्राथमिकता है.
