चैनपुर में इंसानियत की मिसाल! 10 वर्षीय लापता बच्चे को सोनू की सूझबूझ ने मिलाया परिवार से
गुमला के चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में मानवीय संवेदना और एक जागरूक नागरिक की सूझबूझ का एक बेहतरीन मामला सामने आया है जहां लापता हुआ दस वर्षीय मासूम बच्चा आखिरकार सुरक्षित अपने परिजनों के पास लौट आया है. चैनपुर थाना पुलिस ने सभी कानूनी और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया, जिससे पूरे परिवार की चिंता दूर हो गई और चेहरे पर राहत व खुशी लौट आई.
मिली जानकारी के अनुसार छिछवानी गांव निवासी अनीश टोप्पो अपने पूरे परिवार के साथ कुछ दिनों पूर्व किसी रिश्तेदार के यहां चैनपुर आए हुए थे. इसी दौरान गत 2 नवंबर 2026 की सुबह करीब नौ बजे बच्चा घर से आसपास घूमने के लिए निकला था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा. शाम और रात होने तक जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो घबराए परिजनों ने चैनपुर थाना पहुंचकर उसकी गुमशुदगी की लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस भी अपनी तरफ से खोजबीन में जुट गई थी. उधर दूसरी ओर बरवेनगर निवासी सोनू अपनी पिकअप गाड़ी लेकर घर वापस लौट रहे थे.
इसी सफर के दौरान जब वे रामपुर मोड़ के पास पहुंचे तो उस लावारिस बच्चे ने उनकी गाड़ी रुकवाई और हिम्मत जुटाकर बताया कि वह रास्ता भटक गया है और उसे अपने घर जाने के लिए मदद चाहिए. रात का समय और बच्चे की लाचारी को भांपते हुए सोनू ने इंसानियत का परिचय दिया और उसे अकेला छोड़ने के बजाय अपने साथ बरवेनगर अपने घर ले आए. वहां उन्होंने न सिर्फ उस बच्चे को भरपेट भोजन कराया बल्कि पूरी रात उसे अपने घर में सुरक्षित ठहराकर उसकी हिफाजत की.
अगली सुबह यानी मंगलवार को सोनू उस बच्चे को लेकर सीधे चैनपुर थाना पहुंचे और पूरी बात बताते हुए उसे पुलिस के हवाले कर दिया. संयोग देखिए कि थाने में पहले से ही अपने बच्चे की तलाश में भटक रहे परिजन भी मौजूद थे. जैसे ही परिजनों ने अपने सुरक्षित बच्चे को देखा, उनकी आंखें नम हो गईं. इसके बाद चैनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी कर बच्चे को उसके अभिभावकों को सौंप दिया. एक जागरूक नागरिक के रूप में सोनू की इस नेक पहल और पुलिस की तत्परता की इलाके में हर तरफ सराहना हो रही है.
