गुमला का ‘नटवरलाल’ तीन साल बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे, जमीन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी
जमीन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा आरोपी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया. गुमला का ‘नटवरलाल’ कहे जा रहे दीपक साहू को रांची के कांके थाना और गुमला पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की गिरफ्तारी सदर थाना क्षेत्र के ढोढरी टोली से हुई है. जहां वह पहचान छिपाकर रह रहा था.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कांके थाना कांड संख्या 283/2023 में दर्ज धोखाधड़ी मामले में दीपक साहू की लंबे समय से तलाश की जा रही थी. उसके खिलाफ वारंट भी जारी था. तकनीकी सेल की मदद से पुलिस को उसके गुमला में छिपे होने की सूचना मिली. जिसके बाद कांके थाना और गुमला पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर उसे दबोच लिया. मामले के अनुसार रांची निवासी ठेकेदार सतीश प्रसाद ने कांके थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आरोप लगाया था कि वर्ष 2022 में दीपक साहू और उसके सहयोगियों ने कांके क्षेत्र में जमीन बेचने का प्रस्ताव दिया था. आरोपी ने अपने ससुराल पक्ष की जमीन बताकर करीब 1.30 एकड़ भूमि दिलाने का भरोसा दिलाया और इसके एवज में चरणबद्ध तरीके से 30 लाख रुपये ले लिए.
आरोप है कि तय समय तक न जमीन दी गयी और न ही पैसे लौटाये गये. बाद में दूसरी जमीन दिलाने का भी आश्वासन दिया गया. लेकिन वह भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहा. शिकायतकर्ता का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर उसे धमकियां भी दी गयी. प्राथमिकी में दीपक साहू समेत सात लोगों पर आपराधिक साजिश रचकर फर्जी एकरारनामा तैयार करने, जमीन के नाम पर धोखाधड़ी करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. पुलिस इसी मामले में आरोपी की तलाश कर रही थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था. टेक्निकल सर्विलांस और खुफिया सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की गयी.
इसके बाद संयुक्त टीम ने ढोढरी टोली में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई में गुमला पुलिस के पुलिस अवर निरीक्षक गौतम वर्मा की भूमिका सराहनीय रही. वहीं कांके थाना के पुलिस अवर निरीक्षक अरविंद कुमार भी टीम का हिस्सा थे. टेक्निकल सेल के सहयोग से ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया. गिरफ्तारी के बाद कांके थाना की पुलिस आरोपी को अपने साथ रांची ले गयी. जहां उससे पूछताछ की जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में जमीन ठगी से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है.
