Gumla : रोटी की तलाश में गोवा के लिए निकले मनोज की मुंबई में मौत
Gumla : गुमला के वृंदा पंचायत के बहवार टोली निवासी मनोज उरांव की मुंबई में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गयी. एक तरफ जहां परिवार अपने बेटे को खोने के गम में डूबा है, वहीं दूसरी ओर गरीबी की मार ऐसी पड़ी कि वे उसका अंतिम दर्शन भी नहीं कर सके. मुंबई पुलिस ने वहीं उसका अंतिम संस्कार करा दिया. मनोज उरांव, जो पेशे से मजदूर था.
बीते शुक्रवार को गोवा कमाने जाने के लिए घर से निकला था. लेकिन कुछ ही दिनों बाद खबर आयी कि उसका शव मुंबई के एक सुनसान इलाके में मिला है. पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है. लेकिन परिजन इस दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं. परिवार के मुताबिक घटनास्थल की जो तस्वीरें भेजी गयी. वे कई सवाल खड़े करती हैं. शव बिजली के खंभे से लटका था. लेकिन दोनों पैर जमीन को छू रहे थे. शरीर पर खून के धब्बे, कई जगह गहरे जख्म, चाकू से वार के निशान और टूटा हुआ हाथ किसी साजिश की कहानी बयां कर रहे हैं.
मृतक की पत्नी ने एक युवती पर आरोप लगाये हैं. उनका कहना है कि टैसेरा गांव की एक युवती ने ही मनोज को मुंबई बुलाया था और किराया भी दिया था. घटना के बाद से युवती का मोबाइल बंद है. इतना ही नहीं, गांव के दो अन्य मजदूर जो मनोज के साथ गये थे. उनका भी कोई पता नहीं है. उनके फोन भी बंद हैं. पत्नी का आरोप है कि यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है. जिसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं.
सोमवार को मुंबई पुलिस ने आधार कार्ड के जरिए पहचान के लिए गुमला सदर थाना को तस्वीर भेजी. जिसके आधार पर परिजनों ने मनोज की पहचान की. एक रिश्तेदार को मुंबई भेजकर भी पुष्टि करायी गयी. परिवार ने शव को गुमला लाने की कोशिश की. लेकिन आर्थिक तंगी और किसी भी तरह की सरकारी मदद नहीं मिलने के कारण यह संभव नहीं हो सका.
