गुमला में ओबीसी आंदोलन : पांच को मशाल जुलूस और छह को चक्का जाम
जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर ओबीसी समाज ने आंदोलन की कमर कस ली है. आंदोलन के तहत 5 अक्तूबर को मशाल जुलूस, 6 अक्तूबर को चक्का जाम और 7 अक्तूबर को जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. आंदोलन को सफल बनाने के लिए रविवार को बैठक कर रणनीति तैयार की गयी. वक्ताओं ने कहा कि जनगणना में ओबीसी का अलग कॉलम नहीं रहने से समाज की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने नहीं आ सकेगा. इसका असर आने वाले समय में आरक्षण, योजनाओं और सामाजिक प्रतिनिधित्व पर पड़ सकता है. इसी मुद्दे को लेकर तीन दिनों तक चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया. बैठक में लोगों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गयी.
दिलीपनाथ साहू ने कहा कि ओबीसी समाज अपनी मांग को लेकर अब निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है. 5 अक्तूबर को मशाल जुलूस और 6 अक्तूबर को चक्का जाम की तैयारी पूरी कर ली गयी है. उन्होंने कहा कि आंदोलन में हजारों लोग सड़क पर उतरेंगे. जनगणना में ओबीसी का कॉलम शामिल करना समाज के अधिकार और भविष्य की योजनाओं के लिए जरूरी है. शिवदयाल गोप ने कहा कि ओबीसी समाज को अपनी संख्या और हिस्सेदारी का अधिकारपूर्ण आंकड़ा मिलना चाहिए. जनगणना में अलग कॉलम नहीं होने से समाज को भविष्य में कई स्तरों पर नुकसान उठाना पड़ सकता है. उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट होकर 5, 6 और 7 अक्तूबर के आंदोलन को सफल बनाने की अपील की.
