आजादी के 8वें दशक में भी सड़क-पानी से दूर गुमला के रायडीह का डिपाटोली गांव, ग्रामीणों में नाराजगी
गुमला जिले के रायडीह प्रखंड की कोब्जा पंचायत का सुदूर गांव कोब्जा डिपाटोली आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है. गांव में न तो ठीक सड़क है और न ही पीने के पानी की पक्की व्यवस्था. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन की ओर से विकास के कई दावे किए जाते हैं, लेकिन गांव की हालत अब भी नहीं बदली है. बारिश के दिनों में सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है. पेयजल के लिए भी ग्रामीणों को काफी दूर जाना पड़ता है. ग्रामीणों ने गांव में सड़क और पानी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है.
बरसात के दिनों में गांव की परेशानी और बढ़ जाती है. कच्ची पगडंडी पर कीचड़ भर जाने से स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है. पीने के पानी की भी बड़ी समस्या है. ग्रामीणों को पानी के लिए दूर जाना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सड़क और पानी की समस्या को लेकर पंचायत से लेकर प्रखंड और जिला स्तर के अधिकारियों तक कई बार शिकायत की है. लिखित और मौखिक रूप से जानकारी देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार सिर्फ आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है.
युवा समाजसेवी ने लिया संज्ञान, गांव पहुंचकर सुनी समस्या
ग्रामीणों ने अपनी समस्या को लेकर युवा समाजसेवी कमल किशोर किसान को फोन पर जानकारी दी. सूचना मिलने पर कमल किशोर किसान और झारखंड मुक्ति मोर्चा के सक्रिय सदस्य बसंत केरकेट्टा डिपाटोली गांव पहुंचे. दोनों ने गांव का दौरा कर हालात देखे और ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं. कमल किशोर किसान ने कहा कि यह चिंता की बात है कि आज भी गुमला के कई गांव सड़क और पानी जैसी जरूरी सुविधाओं से दूर हैं. उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि उनकी समस्याओं को लेकर लिखित आवेदन तैयार कर जिला प्रशासन और राज्य सरकार को सौंपेंगे, ताकि जल्द समाधान हो सके.
बोरिंग फेल, चापाकल भी खराब, खेत के चुआं के भरोसे पेयजल
कोब्जा डिपाटोली के ग्रामीणों के सामने सड़क के साथ-साथ पानी की समस्या भी बड़ी चुनौती बनी हुई है. ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ दिन पहले विधायक भूषण तिर्की के प्रयास से गांव में बोरिंग करायी गयी थी, लेकिन उससे पानी नहीं निकल सका. गांव का एकमात्र चापाकल भी लंबे समय से खराब है. ग्रामीणों ने बताया कि इसकी मरम्मत के लिए विभाग और मुखिया से कई बार गुहार लगायी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अब ग्रामीणों ने अपनी आवाज जिला प्रशासन तक पहुंचाने का फैसला किया है. मंगलवार को सभी ग्रामीण डीसी के जनता दरबार में पहुंचेंगे और सड़क व पेयजल की समस्या को लेकर लिखित आवेदन देंगे.
जनता दरबार में भी नहीं सुनी गयी तो आंदोलन करेंगे : ग्रामीण
मौके पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सक्रिय सदस्य बसंत केरकेट्टा, संजय केरकेट्टा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. इनमें जानता किसुन खड़िया, कृष्णा खड़िया, विश्वनाथ खड़िया, मोहन खड़िया, बिरसु खड़िया, बंधनु खड़िया, अधनु खड़िया, सोमरा खड़िया, कलिंदर खड़िया और सुरेंद्र खड़िया सहित अन्य लोग शामिल थे. ग्रामीणों ने कहा कि सड़क और पानी की समस्या को लेकर वे लंबे समय से परेशान हैं. अब उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि इस बार भी उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे.
