गुमला

बुजुर्ग दंपती की हत्या मामले में इंद्रनाथ उरांव को उम्रकैद

बिशुनपुर प्रखंड में बुजुर्ग दंपती की निर्मम हत्या के मामले में जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-5 संजय कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी इंद्रनाथ उरांव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतना होगा. मामला 10 मई 2023 की है. इस संबंध में मृतक के पुत्र लालमोहन भगत ने बिशुनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी इंद्रनाथ उरांव पुरानी रंजिश को लेकर सुबह करीब नौ बजे मृतक तुरी उरांव और उनकी पत्नी नहियारी देवी के घर पहुंचा. उस समय दोनों घर के पास बैठे हुए थे. आरोप था कि इंद्रनाथ उरांव ने लकड़ी के डंडे से दोनों बुजुर्गों पर बेरहमी से हमला कर दिया. हमले में गंभीर रूप से घायल होने के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गयी थी. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया था. बाद में सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी गयी थी. प्राथमिकी में यह भी उल्लेख किया गया था कि आरोपी पुरानी बातों को लेकर रंजिश रखता था और बदला लेने की नीयत से घटना को अंजाम दिया.

मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था. सेशन ट्रायल संख्या 206/2023 में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया. शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान आरोपी को गुमला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत किया गया. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने उसे आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनायी. अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी द्वारा जेल में बितायी गयी अवधि को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के तहत समायोजित किया जायेगा. साथ ही दोषसिद्धि वारंट जारी करने और निर्णय की प्रति दोषी को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है.

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