चैनपुर : कटकोया पहाड़ पर तेंदुए का आतंक, शाम बाद जंगल जाना बंद
(चैनपुर से अंकित कुमार पासवान की रिपोर्ट)
गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत बरवेनगर स्थित कटकोया पहाड़ पर जंगली जानवरों और खासकर तेंदुए की चहलकदमी से आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल पैदा हो गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और शाम के बाद जंगल या पहाड़ी क्षेत्र की ओर जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है.
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 4 बजे चैनपुर प्रखंड के बरवेनगर स्थित कटकोया पहाड़ पर यह सनसनीखेज घटना सामने आई. पीड़ित ग्रामीण रिजवान खान और लाल खान ने बताया कि वे रोज की तरह अपने मवेशियों को चराने के लिए कटकोया पहाड़ की ओर लेकर गए थे. शाम को जब वे मवेशियों को वापस लाने पहुंचे, तो उनके दो बैल गायब मिले. काफी खोजबीन करने के बावजूद जब बैलों का कोई सुराग नहीं मिला, तो अगले दिन ग्रामीणों के सहयोग से पहाड़ पर दोबारा तलाश शुरू की गई. इस दौरान एक बैल का आधा खाया हुआ और सड़ा-गला शव बरामद हुआ. घटना स्थल के आसपास जंगली जानवर के बड़े और गहरे पंजों के निशान साफ तौर पर मिले हैं, जिससे तेंदुए द्वारा मवेशियों का शिकार किए जाने की पुष्टि होती है.
प्रभारी वनपाल के नेतृत्व में टीम ने की जांच, क्षेत्र में दहशत
घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी वनपाल राजकुमार साहू के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल शुरू की. वन विभाग के अनुसार, शव तीन से चार दिन पुराना होने के कारण काफी सड़ चुका था. शुरुआती जांच में कटकोया पहाड़ पर तेंदुए की मौजूदगी की प्रबल आशंका जताई गई है, हालांकि अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. वन विभाग ने बताया कि कटकोया पहाड़ पर बड़ी संख्या में प्राकृतिक गुफाएं और झाड़ियां हैं, जिसके कारण तत्काल सर्च ऑपरेशन चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इस पूरी स्थिति को देखते हुए पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
वन विभाग ने क्षेत्र के सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या पहाड़ी क्षेत्रों की तरफ बिल्कुल न जाएं. सुरक्षा के एहतियात के तौर पर शाम 5 बजे के बाद कटकोया पहाड़ की ओर जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. विभाग की टीम लगातार इलाके पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
