गुमला

सड़क पर तड़प रहा था युवक, मदद को रुके समाजसेवी जगरनाथ उरांव

करमा पर्व की संध्या में शामिल होने निकले एक युवक के लिए सड़क हादसा जिंदगी पर भारी पड़ सकता था. गुमला के डिबडीह-खरका मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर खून से लथपथ पड़ा था. आसपास लोगों की भीड़ जुटी थी, लेकिन इसी बीच वहां से गुजर रहे समाजसेवी जगरनाथ उरांव ने इंसानियत की मिसाल पेश की. हादसे में हंसुआ पंचायत के इरो गांव निवासी महावीर उरांव, पिता तेतरु उरांव गंभीर रूप से घायल हुए थे.

बताया गया कि वह करमा पर्व की संध्या में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान डिबडीह-खरका मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई. टक्कर में महावीर उरांव गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके शरीर से काफी खून बहने लगा. इसी दौरान समाजसेवी जगरनाथ उरांव अपनी स्कार्पियो से उसी रास्ते से गुजर रहे थे. सड़क पर भीड़ देखकर उन्होंने तत्काल वाहन रोका. घायल युवक की हालत देखकर उन्होंने बिना देर किए उसे अपनी स्कार्पियो में बैठाया और सीधे सदर अस्पताल गुमला लेकर पहुंचे.

अस्पताल में भी जगरनाथ उरांव घायल के इलाज की निगरानी करते रहे और चिकित्सकों से उसकी स्थिति की जानकारी लेते रहे. समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने के बाद महावीर उरांव की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है. हादसे के बाद जगरनाथ उरांव द्वारा दिखाई गई तत्परता की क्षेत्र में सराहना हो रही है. लोगों का कहना है कि सड़क दुर्घटना के बाद अक्सर लोग भीड़ बनाकर तमाशा देखते रहते हैं, लेकिन घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने की पहल उसकी जान बचा सकती है.

जगरनाथ उरांव ने लोगों से अपील की कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को देखकर तमाशबीन न बनें. तत्काल मदद के लिए आगे आएं और संभव हो तो घायल को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं। संकट की घड़ी में उठाया गया एक छोटा-सा कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है.

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