गुरु अर्जन देव ने सत्य, सेवा और भक्ति का मार्ग अपनाकर धर्म एवं मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया : जरनैल सिंह
सिख पंथ के पांचवें गुरु शांति के पुंज, सेवा, त्याग एवं बलिदान की अद्वितीय मिसाल श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर गुमला में पालकोट रोड एवं जशपुर रोड स्थित गुरुद्वारा में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विशेष दीवान के दौरान संगत द्वारा गुरु अर्जन देव जी के महान जीवन, उनकी शहादत एवं मानवता के प्रति उनके समर्पण को याद किया गया.
जशपुर रोड गुरुद्वारा साहिब में ग्रंथी भाई जरनैल सिंह जी ने गुरु अर्जन देव जी के जीवन एवं इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरु जी ने सत्य, धैर्य, सेवा और ईश्वरीय भक्ति का मार्ग अपनाते हुए धर्म एवं मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. पालकोट रोड गुरुद्वारा में महेंद्र सिंह ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन त्याग, सहनशीलता, सेवा और मानवता के लिए समर्पण का अनुपम उदाहरण है. उनकी शहादत हमें समाज में प्रेम, समानता और सद्भाव स्थापित करने की प्रेरणा देती है. इस अवसर पर सरबत के भले की भावना से सामूहिक अरदास की गयी. साथ ही शहीदी दिवस की परंपरा के अनुसार गुरुद्वारा परिसर जशपुर रोड एवं पटेल चौक गुमला में राहगीरों एवं आम नागरिकों के बीच ठंडी लस्सी की छबील तथा चने का वितरण किया गया.
इसके साथ ही श्रद्धालु सिख संगत द्वारा आयोजित 40 दिवसीय सुखमणि साहिब पाठ का समापन विशेष अरदास, पाठ एवं कीर्त्तन के साथ किया गया. कार्यक्रम को सफल बनाने में रविंद्र कौर, राजिंदर कौर, कमलेश कौर, महेंद्र सिंह, रंजीत सिंह, गुरु गोविंद सिंह फाउंडेशन के अध्यक्ष जसवीर सिंह, सचिव गगनदीप सिंह, सिमरनजीत सिंह, दिलदार सिंह, हरप्रीत सिंह, अमरजीत सिंह, गुरजीत सिंह, मनोहर सिंह, गुरविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, राजू सिंह, हरप्रीत सिंह, कमलेश कौर, कमलजीत कौर, हरजीत कौर, परमजीत कौर, हेमा कौर, शालू कौर, संटी, बंटी, पप्पू, छोटू सहित अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया.
