गुमला

एफआइआर दर्ज नहीं हुई, एसपी से की कार्रवाई की मांग

गुमला के घट्टगांव पंचायत में बन रहे भारत माला सड़क को लेकर ग्रामीणों व शिवालया कंपनी के बीच चल रहे विवाद गहरा गया है. ग्रामीणों का आरोप है. कंपनी के लोगों ने कुछ लोगों से मिलकर विरोध कर रहे लोगों पर हमला कराया. मारपीट की गयी. बदसलूकी की गयी. इसकी लिखित शिकायत थाने में की गयी. इसके बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ. इस संबंध में ग्रामीणों ने गुमला एसपी व एसडीपीओ गुमला को आवेदन सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि 12 मई को एसटी थाना गुमला में एफआइआर दर्ज कराने हेतु शिकायत पत्र दिया गया था. इसके बाद चार जून को पुनः गुमला थाना में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया. बावजूद इसके अब तक एफआइआर दर्ज होने की सूचना शिकायतकर्ताओं को नहीं दी गयी. आवेदन में कहा गया है कि छह जून को ग्रामीण थाना पहुंचे और एफआइआर दर्ज नहीं होने का कारण पूछा.

इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि गुमला सदर थाना के अधिकारियों द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया गया. ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि शिकायत में नामजद व्यक्तियों द्वारा आदिवासी, किसान, महिला-पुरुषों को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है. जान से मारने की धमकी दी जा रही है. ग्रामीणों ने एसडीपीओ से मांग किया है कि 12 मई और आठ जून को दिये गये शिकायत पत्रों पर संज्ञान लेते हुए आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाये. प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को सुरक्षा उपलब्ध करायी जाये. आवेदन पर ग्राम प्रधान टिपरू मुंडा समेत सोमो टाना भगत, बुधनी टाना भगत, काजल उरांव, बिरसो मिंज, फुलकुरिया उरांव, जया टाना भगत, गन्दौरी उराइन, सुको उरांव, मंगरी उरांव, पुजरा उरांव, कार्तिक टाना भगत, लक्ष्मी टाना भगत, झरियो उरांव, संजय टोप्पो, पियो उरांव, जानकी उरांव, मंगिया उरांव, सूरज टाना भगत और हौवा उरांव सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *