गुमला

प्रियंका डेथ केस: डॉक्टर अरुण उरांव मृतक छात्रा के परिजनों से मिले, सहयोग का भरोसा दिया

गुमला स्थित भरनो प्रखंड के बूढ़ीपाठ तेतरटोली गांव निवासी चैतू उरांव की 15 वर्षीय पुत्री प्रियंका कुमारी की मौत के मामले में पूर्व आईजी सह भाजपा नेता डॉक्टर अरुण उरांव मृतक छात्रा के गांव पहुंचे. गांव में उन्होंने प्रियंका की माता-पिता समेत परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात किया. दूरभाष पर एसपी से बात की. छात्रा की मौत के मामले में एसआईटी गठन कर जांच कराने को मांग की है. डॉक्टर अरुण उरांव ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि प्रियंका की मौत बेहद दु:खद और पीड़ादायक घटना है. उन्होंने कहा कि एक होनहार बच्ची, जिसे माता-पिता बड़ी उम्मीदों के साथ पढ़ा रहे थे. उसका हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलना गंभीर मामला है. उन्होंने परिजनों को हर संभव सहयोग का भरोसा दिया.

वहीं परिजनों ने बताया कि प्रियंका की मौत के मामले में विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही की आशंका है. परिजनों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लायी जाये और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये. परिजनों की बात सुनने के बाद डॉक्टर अरुण उरांव ने कहा कि उन्होंने गुमला एसपी से फोन पर बात की है.  एसपी ने उन्हें बताया है कि मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. डॉक्टर अरुण उरांव ने कहा कि एसपी इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर जांच कर चुके हैं. न्याय जरूर मिलेगा.

मौके पर समाजसेवी पतितपावन शाही, हरिशंकर शाही, विशेश्वर उरांव, कलेंद्र गोप, लालमोहन उरांव, संदीप उरांव, बिरसा उरांव, अशोक उरांव, करमचंद उरांव, चैतू उरांव, शिवचरण उरांव, विश्वकर्मा उरांव, निरंजन बेग, बसील टोप्पो समेत कई ग्रामीण मौजूद थे.

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