हिंडालको के खिलाफ आंदोलन तेज, बॉक्साइट ट्रकों की लगी लंबी कतार
हिंडालको के खिलाफ चल रहा आंदोलन शनिवार को 14वें दिन भी जारी है. शुक्रवार को आंदोलनकारियों ने बॉक्साइट ट्रकों का परिचालन रोक दिया. इसके बाद सड़क पर बॉक्साइट ट्रकों की लंबी कतार लग गयी. आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक ट्रकों को चलने नहीं दिया जाएगा. ट्रकों का परिचालन रोके जाने की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ आंदोलन स्थल पहुंचे. उन्होंने आंदोलनकारियों को समझाने और ट्रकों का परिचालन शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारियों ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया.
आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि वे अपने हक और अधिकार की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे. उनका कहना है कि अगर हिंडालको अपनी बात मनमाने तरीके से चला सकता है, तो वे भी अपनी मांगों के लिए आवाज उठाते रहेंगे. आंदोलनकारियों ने कहा कि किसी भी हालत में आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा और बॉक्साइट ट्रकों को चलने नहीं दिया जाएगा. इसके बाद आंदोलन स्थल पर जमकर नारेबाजी हुई. आंदोलनकारियों ने हिंडालको की मनमानी और अधिकारियों की तानाशाही के खिलाफ नारे लगाए. साथ ही डीएमएफटी और सीएसआर के पैसे पर स्थानीय लोगों के अधिकार की मांग भी दोहराई.
डीएमएफटी फंड का बंदरबाट बड़े अधिकारी कर रहे है: सूरज नायक
आंदोलनकारी सूरज नायक ने कहा डीएमएफटी फंड का बंदरबाट जिले के बड़े अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है और यह कोई नया नहीं जिन अधिकारी को मौका मिल रहा है वह बड़े सफाई से डीएमएफटी फंड का बंदरबाट कर रहे है. डीएमएफटी फंड का पहला अधिकार प्रभावित क्षेत्र के लोगों का है पर प्रभावित क्षेत्र के लोगों को कुछ भी नहीं मिल रहा है. डीएमएफटी फंड के पैसे से रिहायशी इलाकों में जिम खाना बनाया जा रहा है स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही है और प्रभावित क्षेत्र के लोग अंधेरे में पिछले 52 साल से जीवन बिता रहे है. पीने को स्वच्छ पानी नहीं है, ना शिक्षा है और ना ही स्वास्थ्य सुविधा है.
तेले मुड़ी में तेल: धनेश्वर महतो
आंदोलनकारी धनेश्वर महतो ने कहा तेले मुड़ी में तेल इसका मतलब यह है कि जहां पर आवश्यकता नहीं वहां पर विकास का काम किया जा रहा है. और जहां लोग बीमार से ग्रसित हो रहे हैं धूलकण को खाने के लिए मजबूर है. वैसे जगह पर विकास नहीं किया जा रहा है. डीएमएफटी के पैसे में पहला अधिकार प्रभावित क्षेत्र के लोगों का है पर पूरे क्षेत्र घूम कर देख ले एक भी काम डीएमएफटी का नहीं मिलेगा. आखिर ऐसा क्यों गुमला जिला के सभी प्रखंडों में डीएफटी का काम देखेंगे लेकिन हमारे प्रभावित क्षेत्र में डीएफटी का काम एक भी देखने को नहीं मिलेगा. जब तक सड़क बनाने का काम शुरू नहीं हो जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा चाहे कोई भी हमारे आंदोलन को दबाने का कोशिश करें हम दबाने वाले नहीं.
