गुमला

गुमला शहर के बाजारटांड़ में जलमीनार निर्माण को ले शहर की सरकार ने तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन किया

गुमला शहर के साप्ताहिक बाजारटांड़ में प्रस्तावित जलमीनार निर्माण के मांग को लेकर शहर की सरकार (वार्ड पार्षदों) ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को टावर चौक में धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान विभिन्न वार्डों के पार्षद 39 डिग्री सेल्सियस गर्मी के बीच पूर्वाह्न 11.30 बजे से अपराह्न 2.30 बजे तक टावर चौक के नीचे धरना पर बैठे रहे. तीन घंटे तक चले इस धरना प्रदर्शन का शहर के लोगों ने भी समर्थन किया. बतातें चले कि गुमला शहर में धीरे-धीरे पेयजल संकट गहरा रहा है. इस समस्या के समाधान के लिए वर्ल्ड बैंक द्वारा गुमला शहरी क्षेत्र में टुकुटोली, जिला स्कूल मैदान व बाजारटांड़ सहित कुल पांच जगहों पर जलमीनार बनाये जाने का प्रस्ताव है. जलमीनारों के निर्माण में लगभग 116 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे.

वहीं जलमीनार निर्माण का कार्य नगर विकास विभाग द्वारा जुडगो कंपनी को दिया गया है. विभाग से काम मिलने के बाद वर्ल्ड बैंक द्वारा जुडगो कंपनी को राशि भी उपलब्ध कराया गया है. जिससे टुकूटोली में जलमीनार का निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि बाजारटांड़ में कुछ दुकानदारों द्वारा जलमीनार नहीं बनने दिया जा रहा है. बाजारटांड़ में जिस स्थल पर जलमीनार बनाया जाना है. उक्त स्थल पर एक कबाड़ी दुकान, दो गोदाम और तीन मुर्गी दुकान है. उक्त दुकानदार वहां जलमीनार बनना नहीं देना चाहते. विगत अप्रैल माह में नगर परिषद की टीम जलमीनार निर्माण स्थल पर गयी थी. लेकिन दुकानदारों द्वारा उन्हें खदेड़ दिया गया था.

इसके पश्चात पार्षदों की ओर से एसडीओ गुमला को आवेदन देकर उक्त स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गयी थी, ताकि वहां जलमीनार निर्माण का कार्य शुरू किया जा सके. अतिक्रमण नहीं हटाये जाने की स्थिति में अनशन की चेतावनी दी गयी थी. इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अतिक्रमणकारियों को वहां से नहीं हटाया गया. जिसके बाद पार्षद शुक्रवार को धरना प्रदर्शन पर बैठ गये.

एक जून को होगी बैठक, फिर निर्णय लेकर की जायेगी कार्रवाई

पार्षदों के धरना प्रदर्शन की सूचना पर नप इओ मनीष कुमार मौके पर पहुंचे. इसके बाद एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव भी मौके पर पहुंचे. जहां अधिकारियों ने पार्षदों से बात कर धरना प्रदर्शन समाप्त करने की बात कही. लेकिन पार्षद अड़े रहे. इसके बाद सदर सीओ हरीश कुमार मौके पर पहुंचे. जहां तीनों अधिकारियों ने पार्षदों से बात कर धरना प्रदर्शन समाप्त करने की बात कही. लेकिन सभी पार्षद तत्काल में बाजारटांड़ में बुल्डोजर भेजकर अवैध अतिक्रमण को हटावाने की मांग पर अड़े रहे. पार्षद की जिद को देख सीओ, इओ व एसडीपीओ धरना स्थल से सीधे एसडीओ गुमला के पास गये. वहां एसडीओ से वार्ता करने के बाद पुन: तीनों अधिकारी टावर चौक पहुंचे. जिसके बाद पार्षदों और अधिकारियों के बीच सहमति बनी कि इस मामले में एक जून को बैठक होगी और बैठक में आवश्यक निर्णय लेते हुए कार्रवाई की जायेगी. इसके बाद पार्षदों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया.

कुछ दुकानदारों के कारण 40 हजार आबादी पेयजल से वंचित हो सकती है : पार्षद

धरना प्रदर्शन पर बैठे नप उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी, पार्षद संगियश तिर्की, प्रवीण टोप्पो, लखन राम, मधु मेरीना लकड़ा, अनिल यादव, जसवंत कौर, जयराम इंदवार, नेहा रानी तिर्की, हेमलता देवी, विजेता मिंज, नूतन रानी, मनीष हिंदूस्तान ने कहा कि बाजारटांड़ में जलमीनार निर्माण होने से शहर के बड़े हिस्से को पेयजल सुविधा मिल सकती है. लेकिन अतिक्रमण हटाने में हो रही देरी के कारण मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. जलमीनार निर्माण स्थल पर कुछ दुकानदारों का अवैध अतिक्रमण है. जिसे प्रशासन द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है. वहां से दुकानदारों को हटाने के लिए अधिकारियों को आवेदन दिया गया है. लेकिन उनके द्वारा किसी प्रकार की दिलचस्पी नहीं दिखायी गयी. मजबूरी में शहर की सरकार को ही धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है. पार्षदों ने कहा कि महज कुछ दुकानदारों के कारण शहर की 40 हजार आबादी पेयजल से मरहुम हो सकती है.

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