Video : रिक्शे पर बजाई बांसुरी, वीडियो ने बदली जिंदगी; पेंशन और आवास की मिली सौगात
Video : घाघरा प्रखंड के 65 वर्षीय किशुन भगत, जो रांची में रिक्शा चलाकर अपना जीवनयापन करते हैं. इन दिनों अपनी बांसुरी की मधुर धुन के कारण चर्चा में हैं. बताया जाता है कि वर्ष 1978 के आसपास आये कठिन दौर में परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गयी थी. घर में खाने-पीने तक का अभाव था. ऐसे में किशुन रोजी-रोटी की तलाश में रांची चले गये और कडरू ओवरब्रिज के नीचे रहकर रिक्शा चलाने लगे. खाली समय में वे बांसुरी बजाकर लोगों का मन मोह लेते थे.
इसी दौरान एक व्यक्ति की नजर रिक्शे पर बैठे बांसुरी बजाते किशुन पर पड़ी. उनका वीडियो बनाकर प्रसारित किया. यह वीडियो घाघरा के अंचल अधिकारी (सीओ) खाखा सुशील कुमार तक भी पहुंचा. इसके बाद उन्होंने समाजसेवी युवक गौरी शंकर साहू को किशुन भगत को रांची से वापस लाने की जिम्मेदारी सौंपी. गौरी शंकर साहू अपने वाहन से किशुन को उनके गांव लेकर आये. घाघरा पहुंचने के बाद सीओ सुशील कुमार ने किशुन भगत से मुलाकात कर उनकी आर्थिक स्थिति का जायजा लिया.
उन्होंने तत्काल पेंशन योजना का लाभ दिलाने की पहल की तथा संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दस्तावेज तैयार कर जल्द आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. जब किशुन भगत घाघरा प्रखंड कार्यालय पहुंचे तो लोगों के आग्रह पर उन्होंने बांसुरी की धुन सुनायी. उनकी मनमोहक प्रस्तुति को सुनकर मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की और अपने मोबाइल फोन में उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया.
पूर्व सीएम से मिलती है शक्ल
किशुन भगत की एक और खास पहचान यह है कि उनका चेहरा पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन से काफी मिलता-जुलता है. रांची में उन्हें कई लोग प्यार से चंपाई दा कहकर भी पुकारते हैं.
