धरोहर

Video : प्रकृति की गोद में बसा ‘सदनी घाघ’ बिखेर रहा है सौंदर्य की छटा, सैलानियों को लुभा रही शंख नदी की कल-कल धारा

(चैनपुर से अंकित कुमार पासवान की रिपोर्ट)
Video : भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर अगर आप प्रकृति की शांत और हसीन वादियों में समय बिताना चाहते हैं, तो गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत जनावल (राजाडेरा) पंचायत में स्थित सदनी घाघ जलप्रपात इन दिनों अपनी पूरी शबाब पर है. जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर पहाड़ों और घने जंगलों के बीच शंख नदी पर निर्मित यह जलप्रपात इन दिनों सैलानियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।करीब 200 फीट की ऊंचाई से गिरती पानी की दुधिया और विशाल जलधारा को देखना अपने आप में एक अनूठा और रोमांचकारी अनुभव है. यहाँ की ठंडी हवाएं और पत्थरों से टकराकर बहती नदी की आवाज पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है.

सर्पाकार बनावट और ऐतिहासिक महत्व

भौगोलिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी सदनी घाघ बेहद अनूठा है. पहाड़ों के बीच से गुजरती शंख नदी यहाँ आकर कुछ स्थानों पर ‘सर्पाकार’ (सांप जैसी आकृति) ले लेती है, जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाती है  प्रकृति ने यहाँ अपनी खूबसूरती का बेशकीमती खजाना लुटाया है.

नेतरहाट आने वाले सैलानियों की पहली पसंद

प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट से मात्र 35 किलोमीटर की दूरी पर होने के कारण, यहाँ सालों भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है. एडवेंचर और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है. पथरीले रास्तों और घने पेड़ों के बीच से होकर जलप्रपात तक पहुँचना युवाओं के लिए रोमांच को बढ़ा देता है.

पर्यटन विकास और सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन यहाँ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, रेलिंग का निर्माण और बेहतरीन सड़क संपर्क बहाल कर दे, तो यह स्थल देश के बड़े पर्यटन मानचित्र पर उभर सकता है. वर्तमान में यहाँ पहुँचने के लिए सैलानियों को थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. 

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