चैनपुर में कर्मा महोत्सव पर पौधारोपण, पर्यावरण बचाने की पहल
(चैनपुर से अंकित कुमार पासवान की रिपार्ट)
प्रकृति, संस्कृति और अटूट भाई-बहन के पवित्र प्रेम के महापर्व कर्मा के अवसर पर चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया गया. वन विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी निभाई. इस पावन अवसर पर चैनपुर के दुर्गा मंदिर परिसर, छीनपतरा और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण किया गया.
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार, चैनपुर पंचायत की मुखिया शोभा देवी, ग्राम बैगा खुशवंत बैगा, फॉरेस्टर राजकुमार साहू और उप प्रमुख प्रमोद खलखो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. पौधारोपण के दौरान उपस्थित वक्ताओं और अधिकारियों ने पर्यावरण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में पेड़-पौधे लगाना और उनकी रक्षा करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन चुकी है.
जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि कर्मा पर्व हमें प्रकृति से जोड़ने का संदेश देता है और झारखंड की पारंपरिक संस्कृति हमेशा से पर्यावरण के साथ तालमेल बिठाकर जीने की सीख देती है. चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने कहा कि पुलिस प्रशासन और स्थानीय नागरिकों को मिलकर केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि पर्यावरण जैसी अहम और बुनियादी चीजों की रक्षा के लिए भी आगे आना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और हरी-भरी धरती मिल सके.
फॉरेस्टर राजकुमार साहू ने वन विभाग की ओर से चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी और लोगों से अपील की कि लगाए गए हर एक पौधे की सुरक्षा अपने बच्चे की तरह करें. ग्राम बैगा खुशवंत बैगा और मुखिया शोभा देवी ने पारंपरिक विधि-विधान और प्रकृति पूजा के महत्व को बताते हुए कहा कि हमारे पूर्वज जंगलों और पेड़ों को भगवान मानकर उनकी पूजा करते थे, और आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाने की जरूरत है.
वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की इस मिली-जुली पहल से क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने, ग्लोबल वार्मिंग से निपटने और पर्यावरण संतुलन के प्रति लोगों को जागरूक करने का एक बेहद सकारात्मक संदेश गया है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर रोपे गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया.
