गुमला

Video : नेताओं के वादे रहे अधूरे, ग्रामीणों ने खुद बना डाली सड़क

Video : नेता व प्रशासन ने जब नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने खुद कुदाल उठाया और श्रमदान से कच्ची सड़क बनायी. गुमला स्थित पालकोट प्रखंड के नाथपुर पंचायत अंतर्गत बड़की टोली, महुआ टोली, खड़िया टोली और पगार टोली के सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार को कुसुम आइर कच्ची सड़क की खुद ही मरम्मत की. ग्रामीण इस एकमात्र संपर्क मार्ग को पक्का कराने के लिये विधायक, सांसद और अधिकारियों को कई बार आवेदन दे चुके हैं. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. थक-हारकर ग्रामीणों ने श्रमदान शुरू किया और नारा दिया, रोड नहीं तो वोट नहीं. ग्रामीणों ने अब एनएच पर धरना देने और पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने का मन बना लिया है. श्रमदान में शिवप्रसन्न सिंह, दशरथ बड़ाइक, फिरवा प्रधान सहित दर्जनों लोग शामिल थे.

ग्रामीणों ने क्या कहा?

समाजसेवी व झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के नेता हीरा प्रधान ने कहा कि साल 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के सचिवालय से पत्र निर्गत कराकर मैंने यह सड़क पास करायी थी. इंजीनियरों ने सर्वे भी किया, फिर भी रोड नहीं बना. स्थानीय विधायक भूषण बाड़ा हमारे गांव की सड़क को अपने क्षेत्र सिमडेगा ले गये. वे यहां सिर्फ मांदर बजाने आते हैं, विकास के नाम पर नाथपुर में शून्य काम हुआ है. ग्रामीण युवा अभय सिंह ने कहा कि हमारे गांव की सड़क के निर्माण के लिये ग्राम सभा से लेकर प्रशासनिक स्तर तक की सभी स्वीकृतियां मिल चुकी थीं. इसके बावजूद कुसुम आइर कच्ची सड़क को आज तक पक्का नहीं किया गया. यह युवाओं और ग्रामीणों के साथ धोखा है. ग्रामीण कृष्णा सिंह ने कहा कि इस कच्ची सड़क से रोज स्कूली बच्चे गुजरते हैं. कोई बीमार या गर्भवती महिला हो, तो उसे अस्पताल ले जाने में भारी कठिनाई होती है. नेता चुनाव में आते हैं, वादा करते हैं और भूल जाते हैं. विवश होकर हमें खुद कुदाल-फावड़ा उठाना पड़ा है.

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