गुमला: चैनपुर में बदहाल व्यवस्था के खिलाफ जिला परिषद सदस्य का अल्टीमेटम
चैनपुर : चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में बदहाल और जर्जर सड़कों के कारण आम जनता और स्कूली बच्चों को हो रही गंभीर परेशानियों को लेकर जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल गुमला उपायुक्त से मिला. डीसी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर ब्लॉक मोड़ से ग्रोतो मोड़ तक समेत विभिन्न सड़कों के तत्काल निर्माण की पुरजोर मांग की गई है. जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने उपायुक्त को अवगत कराया कि चैनपुर पंचायत के अंतर्गत ब्लॉक मोड़ से ग्रोतो मोड़ तक की मुख्य सड़क पिछले 5 वर्षों से बेहद जर्जर स्थिति में है. लगभग 1 किलोमीटर लंबी यह सड़क बाजार, स्कूलों और जिला मुख्यालय को जोड़ने का मुख्य मार्ग है लेकिन इसकी बदहाली के कारण रोजाना हजारों लोगों और छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को कीचड़ व गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है. जिप सदस्य ने बताया कि उन्होंने कई बार जिला परिषद की बैठकों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और ग्रामीण विशेष कार्य प्रमंडल (आरईओ) से सड़क निर्माण की मांग की लेकिन इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया गया. जनता के सब्र का बांध अब टूट चुका है.
ज्ञापन में इन प्रमुख मार्गों के निर्माण की उठी मांग
उपायुक्त को सौंपे गए आवेदन में मुख्य रूप से चार जर्जर रास्तों को शीघ्र बनवाने की मांग की गई है जिसमे आनंदपुर के चैनपुर-कुरूमगढ़ रोड मुख्य मार्ग से हुकड़ा पहाड़ जाने वाला डेढ़ किलोमीटर का कच्चा रास्ता. एम.एल.ए.ओ. रोड (पीपल चौक से सोहन चौक तक). प्रेमनगर मुख्य रास्ता से नीचे बस्ती जाने वाला करीब 1 किलोमीटर का रास्ता. पश्चिमी चैनपुर में जर्जर हो चुके आंगनबाड़ी केंद्र का नया भवन निर्माण. जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर जल्द ही इन सड़कों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्र की जनता को साथ लेकर ब्लॉक चौक पर जोरदार सड़क जाम किया जाएगा.
इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि जल्द ही निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. मुलाकात के दौरान चैनपुर पंचायत समिति सदस्य आशा लकड़ा और संता टोप्पो सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे. जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा लगातार क्षेत्र की जनता की सुधि ले रही हैं. चाहे बात बिजली और पानी की हो या फिर टूटी सड़कों और बुनियादी अधिकारों की, वे हर मोर्चे पर आम जनता की आवाज बनकर मुखरता से लड़ रही हैं. जनसमस्याओं को केवल उठाना ही नहीं, बल्कि उन्हें प्रशासनिक स्तर पर अंजाम तक पहुँचाने की उनकी यही जिद उन्हें क्षेत्र की सबसे सक्रिय और जुझारू जनप्रतीनिधि बनाती है.
