दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के आरोपी को 15 वर्ष का कठोर कारावास, 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया
दिव्यांग युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में गुमला की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी है. तीन वर्ष पुराने इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद एडीजे-वन प्रेम शंकर की अदालत ने पालकोट निवासी अनूप प्रधान को दोषी करार देते हुए 15 साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
अभियोजन पक्ष के अनुसार वर्ष 2023 में आरोपी ने एक दिव्यांग युवती को उसके घर में अकेला पाकर जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था. घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को डराने-धमकाने का प्रयास करते हुए किसी को भी जानकारी नहीं देने की चेतावनी दी थी. मानसिक आघात से गुजर रही पीड़िता ने बाद में हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को पूरी घटना बतायी.
इसके बाद मामले की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष विभिन्न साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किये. अदालत ने उपलब्ध प्रमाणों, चिकित्सीय रिपोर्ट तथा गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी पाया. सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने यह माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल रहा है. मामले में सरकारी पक्ष की ओर से लोक अभियोजक (पीपी) अजय कुमार रजक ने प्रभावी पैरवी की. उन्होंने अदालत के समक्ष साक्ष्यों और गवाहों को मजबूती से प्रस्तुत किया. जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध माना.
