शिक्षकों के बीच विवाद, हाथापाई हुई, स्कूल में घंटों लगा रहा ताला, विद्यार्थी खड़े रहे बाहर
गुमला जिला अंतर्गत चैनपुर प्रखंड के राजकीयकृत मध्य विद्यालय सिलफरी में शिक्षकों के आपसी विवाद ने तूल पकड़ लिया है. विद्यालय में कार्यरत सरकारी शिक्षिका मटिल्डा टोप्पो पर दो पारा शिक्षिकाओं के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है. इस घटना के विरोध में शुक्रवार को विद्यालय में घंटों ताला जड़ा रहा. जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित रही. शिकायतकर्ता पारा शिक्षिका शांति निर्मला कुजूर (20 वर्षों से कार्यरत) और मेरी अंजेला तिग्गा ने बताया कि राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय छिछवानी से स्थानांतरित होकर आयी शिक्षिका मटिल्डा टोप्पो का व्यवहार उनके प्रति शुरू से ही अपमानजनक रहा है.
आरोप है कि मटिल्डा टोप्पो अक्सर उन्हें अनपढ़, गंवार और अशिक्षित जैसे असंवैधानिक शब्दों से संबोधित कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करती हैं. घटना के संबंध में बताया गया कि गत 22 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 10.30 बजे मटिल्डा टोप्पो ने दोनों शिक्षिकाओं को क्लास रूम में बुलाकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया. विरोध करने पर मामला हाथापाई तक पहुंच गया. जिससे विद्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया. शिक्षकों के बीच हुए इस विवाद के विरोध में शुक्रवार को सुबह स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया गया. जिस कारण छात्र-छात्राएं काफी देर तक बाहर खड़े रहे और पठन-पाठन पूरी तरह ठप रहा. सूचना मिलने पर चैनपुर थाना के एसआइ विजय उरांव और एएसआइ संतोष धर्मपाल लुगुन क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ मौके पर पहुंचकर शिक्षिकाओं को समझा-बुझाकर स्कूल का ताला खुलवाया. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए जिप सदस्य मेरी लकड़ा, उप प्रमुख प्रमोद खलखो, बरवेनगर मुखिया अमिता केरकेट्टा, स्कूल प्रबंधक समिति और ग्रामीणों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई.
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि शिक्षिका मटिल्डा टोप्पो को उनके व्यवहार में सुधार लाने के लिए एक माह की अंतिम चेतावनी दी जाये. यदि एक महीने के भीतर उनके रवैये में सकारात्मक बदलाव नहीं आता है, तो ग्रामीणों और समिति द्वारा उच्चाधिकारियों को औपचारिक आवेदन सौंपकर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी. इधर, मटिल्डा तिग्गा ने अपने ऊपर लगे आरोप को गलत बताया है.
