चैनपुर में अकीदत के साथ मना ईद-ए-मिलाद-उन-नबी, रजा मस्जिद से निकला भव्य जुलूस
(चैनपुर से अंकित कुमार पासवान की रिपोर्ट)
पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मोत्सव का पर्व ईद-ए-मिलाद-उन-नबी बुधवार को चैनपुर में बेहद शांतिपूर्ण, गरिमामय और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया. इस पावन अवसर पर मुस्लिम समुदाय द्वारा भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर पैगंबर साहब के शांति और भाईचारे के संदेश को बुलंद किया.
रजा मस्जिद से शुरू होकर नगर के मुख्य मार्गों से गुजरा जुलूस
जुलूस की शुरुआत चैनपुर स्थित रजा मस्जिद से मजहबी तकरीर और दुआ के साथ हुई. यहां से शुरू होकर जुलूस ब्लॉक चौक, चर्च रोड, अल्बर्ट एक्का चौक, बस स्टैंड, मेन रोड एवं थाना रोड होते हुए वापस रजा मस्जिद पहुंचा. जुलूस में शामिल लोग हाथों में इस्लामी परचम थामे पैगंबर साहब की शान में नात और मनकबत पढ़ रहे थे. इस दौरान लोगों ने हजरत मोहम्मद की शिक्षाओं को याद करते हुए शांति, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया. जुलूस के स्वागत और दीदार के लिए नगर के विभिन्न चौक-चौराहों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली.
शीतल पेय का वितरण और मिलाद शरीफ का आयोजन
निर्धारित मार्गों से होते हुए जब जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से वापस रजा मस्जिद पहुंचा, तो वहां उपस्थित खिदमतगारों द्वारा अकीदतमंदों के बीच शीतल पेय (शरबत और पानी) का वितरण किया गया. इसके बाद मस्जिद परिसर में एक भव्य मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया. मिलाद में उलेमाओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद के जीवन चरित्र, उनकी शिक्षाओं तथा पूरी कायनात के लिए उनके दया और मानवता के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला.
थाना प्रभारी अरविंद कुमार के नेतृत्व में पुलिस रही मुस्तैद
पर्व को लेकर चैनपुर पुलिस प्रशासन पहले से ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर था. सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार खुद पुलिस बल के जवानों के साथ पूरे जुलूस के दौरान मुस्तैद रहे. पुलिस के जवानों ने जुलूस के पूरे मार्ग पर अचूक सुरक्षा व्यवस्था संभाली और यातायात को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहयोग किया, जिससे आम राहगीरों को कोई परेशानी नहीं हुई. जुलूस को सफल बनाने और व्यवस्था संभालने में मुख्य रूप से शकील खान, फरीद खान, जहीरूद्दीन, जावेद खान सहित मुस्लिम समाज के कई गणमान्य लोग, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में युवा व बुजुर्ग शामिल हुए. पूरा आयोजन आपसी सौहार्द और शांति की मिसाल पेश करते हुए संपन्न हुआ.
