108 किलो गांजा तस्करी मामले में बड़ा फैसला: बिहार व यूपी के दोनों आरोपी दोषी करार
गुमला में सनसनी फैला देने वाले 108 किलो गांजा बरामदगी मामले में न्यायिक फैसला सामने आया है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्र की अदालत ने आरोपी अंकित कुमार पाण्डेय (रोहतास, बिहार) और राज सिंह (जौनपुर, उत्तर प्रदेश) को दोषी करार दिया है. अब सजा की बिंदु पर सुनवाई 22 अप्रैल को होगी. इस हाई-प्रोफाइल मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक अजय रजक ने प्रभावी पैरवी की. घटना सात जून 2024 की है. जब घाघरा थाना की पुलिस चांदनी चौक के पास एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान चला रही थी.
इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक संदिग्ध हुंडई ओऊरा कार गुमला की ओर से आती दिखी. पुलिस द्वारा रोकने का इशारा करने पर चालक ने वाहन नहीं रोका और तेज रफ्तार से भागने लगा. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सरकारी बोलेरो से पीछा शुरू किया. करीब कुछ दूरी तक फिल्मी अंदाज में पीछा करने के बाद भाग रही कार देवाकी बाबाधाम के पास एक मोड़ पर पेड़ से टकरा गयी. हादसे के बाद कार सवार दो युवक मौके से भागने लगे. लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया.
खुलासा हुआ तो उड़ गये थे होश
पकड़े गये युवकों से सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने कबूल किया कि कार में गांजा लदा हुआ है. वरीय पुलिस पदाधिकारी की मौजूदगी में वाहन की तलाशी ली गयी. तलाशी के दौरान कार से चार अलग-अलग बोरों में भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ. बोरा मार्क ए में 30 किलो,बोरा मार्क बी में 24 किलो, मार्क सी में 24 किलो व मार्क डी में 30 किलो, इस तरह कुल 108 किलो गांजा जब्त किया गया था. जिसकी कीमत लाखों में थी. तब इतनी बड़ी मात्रा में गांजा की बरामदगी से इलाके में हड़कंप मच गया था.
एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और वाहन को भी जब्त कर लिया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से सुनवाई की गयी. जिसके बाद अब अदालत ने आरोपी अंकित कुमार पाण्डेय और राज सिंह को दोषी करार दे दिया है. अब सभी की नजरें 22 अप्रैल पर टिकी हैं, जब अदालत सजा का फैसला सुनाएगी.
