गुमला

दुर्गा पूजा से पहले गुमला-सिसई में मिलावटखोरों पर शिकंजा, दुकानों पर छापेमारी से मचा हड़कंप

आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी और अमानक खाद्य सामग्री के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया है. त्योहारों के दौरान जनता की सेहत से खिलवाड़ रोकने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान से सिसई एवं गुमला के व्यवसायियों और मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है.

अभियान की शुरुआत सिसई स्थित बी.एन. जालान कॉलेज में आयोजित एनसीसी शिविर से हुई. यहां खाद्य सुरक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित विशेष सत्र में 300 से अधिक एनसीसी कैडेट्स और विद्यार्थियों को मिलावट की पहचान करने के गुर सिखाए गए. अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर, आशा राज तथा तंबाकू निषेध पदाधिकारी वंदना स्मिता होरो ने किया. अधिकारियों ने कैडेट्स को प्रायोगिक तौर पर दिखाया कि दूध के नमूने में टिंक्चर आयोडीन मिलाने पर यदि रंग बदलकर गहरा काला या नीला हो जाए, तो उसमें हानिकारक स्टार्च की मिलावट साफ हो जाती है.

ताजे एवं खराब अंडों की पहचान के साथ पौष्टिक तत्वों से भरपूर फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों पर अंकित ‘+F’ लोगो की जांच का तरीका सिखाया गया. कैडेट्स को ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान के तहत भोजन में तेल, चीनी और नमक की मात्रा घटाने तथा पौष्टिक आहार अपनाने की शपथ दिलाई गई.

जागरूकता शिविर के तत्काल बाद प्रशासनिक अमले ने बाजार में औचक निरीक्षण शुरू किया. त्योहारी सीजन को देखते हुए प्रशासन की टीम ने थाना रोड स्थित कई प्रमुख प्रतिष्ठानों और सरकारी गोदामों में दबिश दी.

निरीक्षण के दौरान मेसर्स राजेश किराना, मेसर्स अनु किराना स्टोर, मेसर्स नेहा स्टोर, मेसर्स  सनंत कुमार केशरी, मेसर्स होटल अमर एवं मेसर्स शिव शक्ति का निरीक्षण किया गया साथ ही मेसर्स  अनु किराना स्टोर से चायपत्ती, मेसर्स नेहा स्टोर से मिक्स आचार, मेसर्स सनंत कुमार केशरी से मसाला और मैदा वही झारखंड राज्य खाद्य निगम (JSFC) गोदाम से चावल के नमूनों को मौके पर ही विधिवत सील कर जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला भेज दिया गया है।  साथ ही ठेला-खोमचा पर चाट, पकोड़े, छोले में उपयुक्त होने वाले रंग की भी जांच की गई एवं औद्योगिक रंग की पुष्टि होने पर छोले को तत्काल नष्ट कराया गया आगे जुर्माना भी किया जायेगा.

अधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि दुर्गा पूजा के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की शुद्धता पर प्रशासन की पैनी नजर है. जांच रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की मिलावट, अमानक स्तर या तय मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों और कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने दो टूक स्पष्ट किया है कि यह जांच अभियान केवल त्योहार तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि त्योहार बीतने के बाद भी मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.

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